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DIP112-Notes-Hindi - Unit III

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Academic year: 2020

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(1)

UNIT-

III-A

(

ललोच

,

पतयासथता

)

वविककवत बल : - वकसस वनिककाय पर बकाहरस बल कक लगाने पर, यवद वकसस वनिककाय कक ललंबकाई / ककत्रफल / आयतनि मम पररवितरनि हलोतका हह, तलो बल कलो वविककवत बल कहका जकातका हह।

• पतयासथता: - विस्तत कका विह गतण जजसकक ककारण विह वविककत बल कलो हटकानिक पर अपनिक ममूल आककार, आककार यका मकात्रकाकलो विकापस पका लकतका हह, पतयासथता कहकाजकातकाहह।उदकाहरण: - रबर, स्पलंजबबॉल, स्टसल।

(i) जब वविककवत कलो दमूर करनिक मम विस्तत अपनिक ममूल आककार कक आककार और आयतनि कलो पतनिन पकाप निहह करतका हह, तलो प्लकासस्टजसटस कहका जकातका हह।

(ii) पतयासथता ससमका बल कक वविककवतयय कक ऊपरस ससमका हह, जलो विस्तत वविककवत बल कलो हटकानिक पर पमूरस तरह सक अपनिका ममूल स्विरूप पकाप कर लकतका हह।

तनिकावि: - विस्ततककअलंदरपवतइककाईककत्रककस्थकापनिकाकलोतनिकाविकहकाजकातकाहह। एसआईइककाई⟹ N / m2तनिकाविएकसवदशमकात्रकाहह।

तनिकाविदलोपककारककाहलोतकाहह।

1) ललंबवित तनिकावि : - जब बहकाल करनिक विकालकाबल ककत्र कक ललंबवित हलोतकाहह, तलो तनिकावि कलो ललंबवित तनिकावि कहका जकातका हह। तकार कक ललंबकाई यका विस्तत कक मकात्रका मम पररवितरनि कक मकामलक मम तनिकावि हमकशका ललंबवितहलोतकाहह।

2) स्पशरजन्य तनिकावि : -जबतनिकाविकलोसतहपरलकागमूवकयकाजकातकाहह, तलोइसकस्पशररकखकायका 'वशयररलंग स्टटकसकहकाजकातकाहह।इससस्थवतमम, विबॉल्यमूमनिहहबदलकागयकाहह।

वविककवत:- वकससविस्ततककवविन्यकासममहलोनिकविकालकवभिनकात्मकपररवितरनिकलो

ववकृवत

कहकाजकातकाहह। वविककवत तसनि पककार की होती हह: -अनितदहरयर वविककवत: - यवद वविककवत बलअककलक ललंबकाई मम पररवितरनिपहदका करतकाहह, तलोतनिकावि कलो

अनितदहरयरवविककवतकहकाजकातकाहह।

अनुदैररर ववकृवत

=

∆ l

/

l

आरतन वविककवत : - जब वविककवत बल ककविल आयतनि मम पररवितरनि करतका हह, तलो वविककवत कलो विबॉल्यमूमकवटटक वविककवत कहका जकातका हह।

वॉलरूमेवटटक

ववकृवत

=

∆ V

/

V

वशयररलंग वविककवत: - जब विस्तत पर ककाम करनिक विकालका वविककत बल आककार मम बदलकावि (इसकक आयतनि कलो बदलक वबनिका) करतका हह तलो वविककवत कलो वशयररलंग वविककवत कहका जकातका हह।

वशरवरंग ववकृवत

=

tanθ

=

∆ l

/

l

हहक

कका वनियम (HOOKE 'LAW): - पतयासथता ककससमकाककभिसतर, विस्तत मम उतपनन तनिकावि, उसमम उत्पन हलोनिक विकालक वविककवत कक समकानितपकातस हलोतका हह। तनिकावि

वविककवत

तनिकावि = E × वविककवत

E

=

तनाव

ववकृवत

जहकाहाँ ‘E’ कलो पतयासथता कका गतणकालंक कहका जकातका हह।

Stress =

F

A

(2)

पतयासथताककतसनिपककारककगतणकालंकहह- यंगपतयासथतागुणांक(Y), आरतनपतरासथतागुणांक(B) औरदृढतागुणांक (

η

¿

1) रंग पतयासथता गुणांक (Y) : - पतयासथता ककससमकाककभिसतर, ललंबविततनिकावि औरअनितदहरयरवविककवतककअनितपकातकलोयलंगककामकापकालंककहकाजकातकाहह।

Y =

Normal Stress

Longitudunal Strain

;

Y =

f

/

A

∆ l

/

l

Fl

∆ lA

S.I. Unit ⇒ N/m

2

2) आरतन पतरासथता गुणांकBulk Modulus Of Elasticity (B) :

-

पतरासथता ककससमकाककभिसतर, ललंबविततनिकाविऔर आयतनवविककवत केअनितपकातकोआरतनपतरासथतागुणांक(B)

B =

Volumetric Strain

Normal Stress

;

B =

∆ v

f

/

A

/

v

Fv

A ∆ v

or

Pv

∆ v

यहकालंनिककारकात्मकसलंककतबतकातकाहहवकबढ़तकदबकाविपर, आयतनकमहलोरहकाहह।

3) दृढता गुणांक

Modulus Of Rigidity

(

η

¿

:- पतयासथता कक ससमका कक भिसतर, अपरपणतनिकाविऔरअपरपण ववकृवत ककअनितपकातकलोदृढ़तका गतणकालंक

(

η

)

कहकाजकातकाहह।

η

=

Shearing Strain

Shearing Stress

η

=

F

A

∆ l

l

=

F Q

A

 पॉरजन अनुपात-Poisson's Ratio:- पकारविर ववकृवत और अनितदहरयर ववकृवत कक अनितपकात कलो पॉरजन अनुपात-Poisson's Ratio कहका जकातका हह। इसक σ दकारका वनिरूवपतवकयकाजकातकाहह। (जैसे - वकसीतारकेएकवसरेकोबाँधकरदूसरेवसरेपर भार लटकाराजार, तो तार की लंबाई मे वृद्वध होगी ही, पर साथ ही साथ इसकेवरासमेभीकमीआजाएगी।)

σ =

Longitudunal Strain

Lateral Strain

मकानिलसजजयक ‘L’और ‘d ’तकारककममूलललंबकाईऔरव्यकासहह।तनिकाविककककारण ‘∆L’ककललंबकाईममविकवदहलोसकतसहहऔर' ‘∆d’ व्यकासमम

कमसहलोतसहह।

Longitudunal Strain

=

∆ l

l

Lateral Strain

=

∆ d

d

σ =

∆ l

∆ d

/

d

/

l

σ =

∆ d

d

l

∆ l

(-ve

sign indicates diameter is difference)

स्टटकस - स्टटकनि गकाफ : वचत्रमम, तनिकाविबनिकामतनिकाविविकवदखकायकागयकाहह, गकाफसक -(i)भिकाग OA एक ससधस रकखका हह, जलो स्पष रूप सक दशकारतस हह वक उत्पकावदत तनिकावि वविककवत कक आनितपकावतक हह।यकानिस हहक कका वनियम 'A' तक

(3)

पमूरस तरह सक पकालनि वकयका जकातका हह। तकार सक तनिकावि कलो हटकानिक पर, यह अपनिस ममूल सस्थवत कलो पकाप कर दकगका। वबलंदत A कलो आनितपकावतकतका ससमका कहका जकातका हह।

(ii)जहसकहसआनितपकावतकतकाककससमकावबलंदत A ककपकारहलोजकातसहह, वविककवततनिकाविककततलनिकाममअजधकतकजससकबढ़तकाहहऔरगकाफ AB मम विक वदखकातकाहहवक इसससमका ममतकार ककावविस्तकारआलंवशक रूपसक ललोचदकारहहऔरआलंवशक रूपसक प्लकासस्टकऔरवबलंदत B सकामगसकक ललोचदकारससमका हह।इसपककारयवदहमवबलंदत B सकभिकारघटकानिका शतरूकरतकहहतलोगकाफ BA सकहलोकरमकागर BAO परनिहह आतकाहह, बजकाय इसककवकससधसरकखका BG; तकावकएकअविवशषतनिकाविबनिकारहक; इसकस्थकायससकटकहकाजकातकाहह।

(iii) यवदहमवबलंदत B सक आगकतनिकावि कलोबढ़कातक हहतलो तनिकाविमम बहहतकमयका कलोईविकवदनिहह हलोतसहह, जजससकवबलंदत C परतकजससक दबकावि बढ़तकाहह।

(iv)वबलंदत C सक आगक तनिकावि बढ़निक पर तनिकावि मम एक बडस विकवद हलोतस हह जब तक वक वबलंदत E तक निहह पहहहाँच जकातका हह जजस पर फहक्चर हलोतका हह और B सक D तक कक सकामगस कलो प्लकासस्टक कक पविकाह सक गतजरनिका पडतका हह जलो अपररवितरनिसय हह।

निलोट: ललोच कका गतणकालंक सकामगस, उसकक तकापमकानि और शतदतका पर वनिभिरर करतका हह लकवकनि तनिकावि यका तनिकावि पर निहह।

Q:-

A wire of length 1 meter is stretched by a force of 10 N, the area of cross section, of the wire is 2×10

-6

m

2

and Young’s Modulus is 2×10

11

N/m

2

. Calculate (i) Stress (ii) The increase in length of wire.

L= 1 m;

F= 10 N;

A= 2×10

-6

m

2

(i)

Stress =

F

A

=

10

2

×

10

−6

= 0.5×10

7

= 5×10

6

N/m

2

(ii)

Y =

A ∆ l

Fl

∆ l

=

F ×l

Y × A

=

10

×

1

2

×

10

11

×

2

×

10

−6

= 2.5×10

-5

m

Increase in length = 2.5×10

-5

m

(iii)

Strain = 2.5×10

-5

m

Q:- Calculate the % increase in length of a wire of d=2.2mm. Stress by a load of 100 kg Y= 12.5×10

10

N/m

2

d= 2.2 mm = 2.2×10

-3

m

r = 1.1×10

-3

m

m= 100 Kg

W = mg = 100×9.8 = 980; Stress =

980

3.14

×

1.1

×

10

−3

×

1.1

×

10

−3

= 2.58×10

(4)

UNIT-III- B

SIMPLE HARMONIC MOTION

(

सरल

आवितर

गवत

)

Periodic Motion: -

जब

कोई

गवत

समय

के

वनवशशत

अंतराल

के

बाद

अपने

आप

को

एक

वनवशशत

पथ

पर

दोहराती

है

,

तो

उसकी

गवत

को

'

आववधक

गवत

'

कहा

जाता

है।

सरल

आवितर गवत (Simple Harmonic Motion)

: -

जब वकसी गवत को एकल

हामोरवनक

फंकशन

(

साइन

या

कोजाइन

)

के

संदरर

मे

वयकत

वकया

जा सकता

है तो इसे सरल हामोरवनक गवत कहा जाता है।

SHM

का

सामानय

समीकरण

है

y = asinωt

आयाम

(

Amplitude

)

: -

यह

माधय

वसथवत

से

वकसी

कण

का

अवधकतम

ववसथापन

है।

कलका

(

Phase): -

कलका

एक

रौवतक

माता

है

,

जो

SHM

को

वनषपावदत

करने

वाले

कण

की

वसथवत

और

वदशा

वनधारवरत

करता

है।

वेग

(

Velocity

)

: -

ववसथापन

के

पवरवतरन

की

दर

को

वेग

कहा

जाता

है।

v

=

dy

dt

=

d

dt

(

a

sin

ωt

)

=

(

a

cos

ωt

)

. ω

हम जानते है वक

cos

2

ωt

+ sin

2

ωt

=1

cos

2 ωt

= 1- sin

2 ωt

=

1

y

2

d

2

=

a

2

y

2

d

2

cos

ωt

=

a

2

y

2

d

v=

a

2 −y2

d

v=

ω

a

2

y

2

तवरण

(

Acceleration

)

: -

वेग

के

पवरवतरन

की

दर

को

तवरण

कहा

जाता

है

A=

dv

dt

=

d

dt

(aωcosωt)

A= −aωsinωt. ω = −(a sinωt ) ω

2

A= −ω

2

y

A

max

= −ω

2

a

SHM

और

'

वरसटोवरंग

फोसर

'

के

लकण

(

Characteristics of SHM and Restoring force

)

: -

SHM

वनषपावदत

करने

वाले

कण

के

लकण

है

-1)

तवरण

की

वदशा

ववसथापन

की

वदशा

के

ववपरीत

है।

2)

एक वनवशशत कोणीय वेग के वलए

,

तवरण ववसथापन के वलए सीधे आनुपावतक है

(Aα –y)

3) SHM

को

वकयावनवत

करने

द्वयमान

m

के

एक

कण

के

वलए

,

बल

F=m A=F=m ω2y

दारा

वदया

जाता

है। इस

फोसर

को

वरसटोवरंग

फोसर

कहा

जाता

है।

यह

हमेशा

कण

को

वापस

वसथवत

मे

लाने

की

कोवशश

करता

है।

Q:-

एक कण

SHM

कर रहा है

, 3

सेमी ववसथापन पर कण को तवरण

20

सेमी

/ s

2

है। रवद कण का अवधकतम ववसथापन

10

सेमी है

,

तो कण के अवधकतम तवरण का पता लगाएं।

Given that

y= 3cm;

A=20cm/sec

2

;

a=10m/sec

2

;

A= − ω

2

y

− ω

2

=

A

y

=

20

3

A

max

= − ω

2

a =

20

3

×

10

=

200

3

=

66.7

cm. sec

2

Q:- SHM

के

तहत

एक

कण

के

ववसथापन

का

समीकरण

y = 0.1 sin t (t + 0.5) m

दारा

वदया

जाता

है

जहां

समय

t

दूसरे

मे

होता

है।

दोलन

की

शुरआत

मे

तवरण

और

ववसथापन

वनधारवरत

करे।

(5)

Given that

y=0.1 sinπ (t+0.5)m = 0.1 sin (π t+ 0.5π)

Comparing with standard equation

y= a sin (ω t+ϕ)

आयाम

a= 0.1m;

ω t=πt

2

π

T

=

π

;

Time period

T=2 s.

v

max

=w

a

2

0

=

ωa

=

2

T

π

×

0.1

= 0.314 m/s

A= ω

2

y = ω

2

a =

(

2

T

π

)

2

×a

=

(

2

×

3.14

2

)

2

×

0.1

=0.985 m/s

2

दोलन की शुरआत मे

t=0

y= a sin (ω t+ϕ) = 0.1 sin (π×0 +0.5π) = 0.1 sin

(

π

2

)

=0.1×1 y=

0.1 m (oscillation)

सरल

ललोलक

(

Simple Pendulum

)

: -

जब

एक

रारी

वबंदु

द्वयमान को

एक

पतले

और

लशीले

धागे

से

लटका

वदया

जाता

है

;

इस

पणाली

को

सरल

पेडुलम

कहा

जाता

है।

द्वयमान

'm'

की

एक

गेद

को

लंबाई

'L'

के

एक

धागे

से

लटका

वदया

जाता

है

,

इसे

छोटे

कोण

' θ '

से

ववसथावपत

वकया

जाता

है

और

यह

SHM

वनषपावदत

करता

है।

वजन ‘mg’

को

कैवतज

और

ऊरवारधर

घटको

मे वरकत करने पर,

वरसटोवरंग

फोसर

F= −mg sinθ

छोटे कोण के वलए

sinθ ~ θ =

radius

ar c

=

x

l

∴ F=

mg

x

l

---(1)

रवद A तवरण है, तो बल

F = mA ---(2)

mA = mg

x

l

=

A

x

=

g

l

---(3)

हम जानते है वक, समर

अववध दारा वदरा गरा है

T= 2π

displacemnt

(

x

)

acceleration

T= 2π

l

g

Q:-

एक

साधारण

पेडुलम

8

वमनट

मे

25

दोलन पूरा

होता

है। सबसे वनशले सथान पर

बॉब

का

वेग

50 cm/s

है।

दोलन

के

आयाम

और

तवरण

की

गणना

करे।

n

=

25

/(

8

×

60

)=

0.052

Hz

v=50cm/s at y=0

v

=

ω

a

2

y

2

50

=

ω

a

2

0

=

ωa

a

=

50

ω

=

50

2

πn

=

50

2

×

3.14

×

0.052

=

50

0.32

=

153.111

m

/

sec

2

A

=

ω

2

a

=(

2

×

3.14

×

0.052

)

2

×

153.11

=

16.33

cm

/

sec

2

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