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Tally.erp9 Hindi Notes

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Academic year: 2021

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(1)www.itkhoj.com. IT Khoj. Tally.ERP 9. Kiran Patil IT Khoj.

(2) IT Khoj. INDEX. Chapter - 1 ........................................................................................................ 4 Advantages of Accounting :- .......................................................................... 4 Introduction to Accounting ................................................................................. 4 Defination........................................................................................................ 5 Types of Accounts: ........................................................................................ 6 Golden Rules of Accounts ............................................................................. 7 Double Entry System of Book Keeping ......................................................... 7 Introduction: ........................................................................................................ 9 Chapter - 2 ........................................................................................................ 9 Introduction to Tally.ERP 9 ............................................................................... 9 Features of Tally.ERP 9 .............................................................................. 10 . Resizing Screens ............................................................................... 11. . Multiple Selection capabilities .............................................................. 12. . Information panel................................................................................ 12. Tally.ERP 9 Screen Components ................................................................ 13 Chapter - 3 ...................................................................................................... 15 Maintaining Company Data ............................................................................. 15 Modification of Company information ........................................................... 17 Chapter - 4 ...................................................................................................... 19 Creates Ledger and Groups............................................................................ 19 Create Accounts/Ledger :- ........................................................................... 20 Create Multiple Ladgers: .............................................................................. 24. Page: 2. Tally.ERP 9.

(3) IT Khoj Create New Group: ...................................................................................... 24 Exercise:1 ..................................................................................................... 26 Voucher: ....................................................................................................... 28 Types of Voucher: ........................................................................................ 28 Chapter - 5 ...................................................................................................... 28 Accounting Voucher ......................................................................................... 28 Vouchar Entry :- ........................................................................................... 34 Exercise – 1: ................................................................................................. 37. Page: 3. Tally.ERP 9.

(4) IT Khoj. Chapter - 1 Introduction to Accounting. Objective : अकाउ टग या है?  अकाउ टग के मह व या है?  अकाउ टग के डे फनेशन  अकाउ टग के स और ाकार. Accounting :- अकाउ टग यह एक ोसेस है, पहचान करने क , रकॉ डग, सारांश और आ थक जानकारी क रपो टग क , जो िनमाता. के िलए िव तीय यौरा देकर िनणय लेने. के िलए मददत करता है| Advantages of Accounting :िन िलिखत अकाउ टग रखने से लाभ होते है 1) अकाउ टग से हमे कसी िवशेष समय क अविध म लाभ या हािन ई है यह समझ सकते ह। 2) हम कारोबार के िन अ). िव ीय ि थित को समझ सकते ह. वसाय म ह कतनी संपि है।. ब) िबजनेस पर कतना ऋण है। ग) िबजनेस म कतनी कै िपटल है।. Page: 4. Tally.ERP 9.

(5) IT Khoj 3) इसके अलावा, हम अकाउ टग रखने से िबजनेस के लाभ या हािन के कारण को समझ सकते ह। ऊपर दए गय फायद से हम आसानी से यह समझ म आता है क अकाउ टग िबजनेस क आ मा है।. Defination :अकाउ टग सीखते समय हम िनयिमत पहले हम इन श द के अथ समझते है -. प से कु छ श द का योग करना पडता है। तो. 1) Goods :- माल को िबजनेस म िनयिमत और मु य. प से खरीदा और बेचा जाता ह।. उदाहरण के िलए - एक कराना दुकान म साबुन, तेल आ द गुडस् ह। मुनाफे क खरीद और माल क िब. पर िनभर करता है।. 2) Assets :- ऐसे स क मती चीज होती है, जो िबजनेस के िलए आव यक होती है और िबजनेस क संप ती होती है। उदाहरण के िलए- िब ड ग, वेइ कल, मशीनरी, फन चर। 3) Liabilities :- लाइअिबलटीज़ दुसर. ारा िबजनेस को द जाती है है। उदाहरण के िलए. – बक से िलया गया लोन, े िडट पर माल क खरीद। 4) Capital :- कै िपटल याने पूंजी जो िबजनेस के मािलक ारा कया गया िनवेश होता है। यह कै िपटल कै श, गुडस् या ऐसे स के मािलक. प म होता है। जब क यह कै िपटल िबजनेस के. ारा इ वे ट कया गया है, तो िबजनेस के अनुसार यह कै िपटल भी एक. लाइअिबलटीज़ होती है| 5) Debtor:- िजसस िबजनेस को िनि त रािश लेनी होती है उसे डे टर कहा जाता है| 6) Creditor :- िज हे हमारे िबजनेस को िनि त रािश देनी होती है है उ हे े िडटर कहा जाता है।. Page: 5. Tally.ERP 9.

(6) IT Khoj 7) Business Transaction :- एक िव ीय घटना है जो िबजनेस से संबंिधत है और िजसका. भाव कं पनी क िव ीय ि थित पर पडता ह। उदाहरण के िलए – माल क. खरीद, वेतन, े िडट पर माल को बेचना। 8) Cash Transaction :- जो ै ज़ै शन नकदी म कए जाते है उ हे कै श ै ज़ै शन कहा जाता है। 9) Credit Transaction :- जो ै ज़ै शन े िडट पर कए जाते है उ हे े िडट ै ज़ै शन कहा जाता है। 10) Account:- अकाउ ट कसी ै ज़ै शन का टे म ट होता है, जो कसी ऐसे स, लाइअिबलटीज़, आमदनी या खच को भािवत करता है| 11) Ledger :- लेजर एक बुक होता है िजसम पसनल , रयल या नॉिमनल के सभी अकाउ ट होते है िजनक एं ी ,जनल या सहायक पु तीका म होती है|. Types of Accounts: 1) Personal Accounts:- सभी. ि , सोसायटी,. ट, बक और कं पिनय के खाते. पसनल अकाउ ट ह। उदाहरण के िलए - Rahul A/c, Gayatri Sales A/c, Subodh Traders A/c, Bank of Maharashtra A/c. 2) Real Accounts:- रयल अकाउ ट म सभी ऐसे स और गुडस् अकाउ ट शािमल है। जैसे - Cash A/c, Furniture a/c, Building A/c. 3) Nominal Accounts:- िबजनेस से संबंिधत सभी आय और खच नॉिमनल अकाउ ट के अंतगत आते है। उदा - Salary A/c, Rent A/c, Commission A/c, Advertisement A/c, Light Bill A/c.. Page: 6. Tally.ERP 9.

(7) IT Khoj Golden Rules of Accounts: ै ज़ै शन करते समय, हम डेिबट या. े िडट साइड का फै सला करना होता है। इसके. िन िलिखत िनयम ह – 1) Personal Accounts:-. Debit. : The Receiver or Debtor. Credit. : The Giver or Creditor. 2) Real Accounts:. Debit. : What comes in. Credit. : What goes out. 3) Nominal Accounts:. Debit. : All Expenses & Losses. Credit. : All Incomes & Gains. Double Entry System of Book Keeping येक ै ज़ै शन यापर पर दो तरीके से भािवत करता है। उदाहरण के िलए, a) गुडस् कै श मे खरीदा – इस ै ज़ै शन म गुडस् िबजनेस मे आ रहा है ले कन उसी समय िबजनेस से कै श बाहर जा रही है| b) गुडस् े िडट पर द ता ेडस को बेचा – इस ै ज़ै शन मे गु स िबजनेस से बाहर जा रहा ह आिण उसी समय द ा ेडस हमारे कारोबार का देनदार हो जाता है|. Page: 7. Tally.ERP 9.

(8) IT Khoj डबल एं ी िस टम के अनुसार – ऐसे सभी िबजनेस ै ज़ै शन को अकाउं ट मे रकॉड करते समय इसके दो पहलू होते है Debit aspect (receiving) और Credit aspect (giving).. Page: 8. Tally.ERP 9.

(9) IT Khoj Chapter - 2 Introduction to Tally.ERP 9. Objective : टैली पैकेज का प रचय  टैली पैकेज क फ चस  टैली न का प रचय. Introduction: Tally.ERP 9 दुिनया का सबसे तेज और सबसे शि शाली समवत ब भाषी िबजनेस अकाउं ट ग और इनव ी मैनेजमट सॉ टवेयर है। Tally.ERP 9 को छोटे और म यम िबजनेस क ज रत को पूरा करने के िलए िवशे. प से िडजाइन कया गया है| यह पूर. तरह से इं ट ेडेट स ती और अ यंत िव वसनीय है| Tally.ERP 9 को खरीदना आसान है, फा ट इ टॉल होता है और िसखने और उपयोग करने के िलए आसान है| Tally.ERP 9 को आपके. यापर के सभी िबजनेस ऑपरे शन जैसे sales, finance, purchasing,. inventory और manufacturing को वचािलत और एक कृ त करने के िलए बनाया गया है| अब Tally.ERP 9 के नए वजन म रमोट ए सेस से कही भी काम कर सकते है| यह audit और compliance स वस, इं टी ेडेट सपोट और िस यो रटी मैनेजमट दान करता है|. Page: 9. Tally.ERP 9.

(10) IT Khoj इसके श तीशाली फ चस और पीड और टैली इआरपी 9 क पावर के साथ बढी ई MIS, Multi-lingual, Data Synchronization और Remote क. मता आपके िबजनेस क. ोसेस को और भी आसान करता है और लागत को भावी ढं ग से कम करता है|. Features of Tally.ERP 9 टैली इआरपी 9 म नए फ चस को शािमल कया गया है –  Remote Access: टैली इआरपी9 कह से भी रमोट के दारा डेटा ए सेस करने क. मता दान करता है|. इस फचर से युजर रमोट युजर आईडी बनाता है, अिधकृ त करता है और रमोट ए सेस करने क अनूमती देता है|.  Tally.NET (to be read as Tally.NET) Tally.NET िडफ़ॉ ट सेवा. प से अनुकूल माहौल बनाता है, जो इंटरनेट पर आधारीत िविभ न्. क सुिवधा के िलए पीछे से काम करता है| हर एक टैली इआपी9 इस .नेट क स वस. के िलए इनेबल होता है| टैली.नेट िन निलिखत सेवा / मता को दान करता है Tally.NET के फ चस : • रमोट युजर बनाना और उ हे मटेन रखना • रमोट ए सेस • रमोट सटर • सपोट सटर • (Tally.NET) के मा यम से डेटा का स ोनाइजेशन • ोड ट अपडेट और अप ेड. Page: 10. Tally.ERP 9.

(11) IT Khoj  Simplified Installation process टैली इआरपी9 एक नए सुधारीत इ टॉलर के साथ आता है, जो युजर को आव यकता अनुसार एक ही. के. न से अलग अलग सेट ग को कॉ फ गर करने क अनूमती देता है|.  Control Centre कं ोल सटर यह नया फ चर टै ली इआरपी9 म शािमल कया गया है| यह युटीलीटी अलग अलग जहग पर इ टॉल टैली और युजर के िबच इं टरफे स करती है| कं ोल सटर के मददत से आप – • पूविनधा रत िस यो रटी के तर के साथ यजर बना सकते है • स ली टॅ ली इआरपी9 को मॅनेज और कॉ फ गर कर सकते है • साइट पर सरडर, क फम या रजे ट कर सकते है • अकाउं ट से संबंिधत जानकारी को बनाए रख सकते है.  Enhanced Look & Feel  Resizing Screens युजर टै ली क. न या वडो को अपने िहसाब से रसाइज कर सकते है| यह. रसाइज के मापदंट जैसे ऊंचाई और चौड़ाई tally.ini फाइल म प रभािषत होती है| इस तरह से. न का आकार बदलके युजर िविभ न् कं पिनय के समान रपोट क. तुलना कर सकता है|. Page: 11. Tally.ERP 9.

(12) IT Khoj  Multiple Selection capabilities युजर एक रपोट म कई लाइन को एक साथ िसले ट कर सकता ह और रपोट क आप य ता के आधार पर इ हे िडलीट या हाइड कर सकता है|.  Information panel इ फॉमशन पॅनल टॅ ली ने िनचले भाग म होता है| इसमे पांच लॉक होते ह Product, Version, Edition, Configuration और Calculator|.  Calculator डाटा सग और रमोट कने टीवीटी के दौरान यह कने न टेटस को दशाता है| यह कै ल यूलेटर के. प म भी काम करता है|.  Enhanced Payroll Compliance टैली इआरपी 9 अब पेरोल अिधक सरल आिण िबजनेस के सारे अकाउं ट ग फं शन को अिधक काय म बनाये गए है| इसका एडवांस वैधािनक फ चर और ोसेस को बेहतर, तेज और सटीक बनाया गया है|.  Excise for Manufacturers टैली इआरपी9 उ पाद शु ल से संबंिधत यापार क आव य ता. के िलए एक पण. समाधान दान करता है|. Page: 12. Tally.ERP 9.

(13) IT Khoj Tally.ERP 9 Start-up Screen: Title Bar. Task Bar. Getaway of. Horizontal Button. Tally. Bar. Release. License. Information. Information. Configuration Setup. Close Button. Calculator Vertical Pane. Button Bar. Tally.ERP 9 Screen Components Title bar: यह टैली इआरपी9 वजन को द शत करता है| Horizontal button bar: ल वेज क, कबोड ल वेज और टैली इआरपी9 क हे प का िसले शन| Close button: टैली क. Page: 13. न को िमिनमाइज, र टोर या लोज करना|. Tally.ERP 9.

(14) IT Khoj Gateway of Tally: यहाँ मेन,ू. न, रपोट और आपके दारा िसले ट कए डेटा को. दखाता है| Buttons toolbar: टैली के साथ व रत इ टरै शन करने के िलए यहाँ बट स है| Calculator Area: कै लकु लेशन करने के िलए| Info Panel: टैली का वजन नंबर, लाइसस िडटे ल और कॉ फ गरे शन िडटे ल|. Page: 14. Tally.ERP 9.

(15) IT Khoj. Chapter - 3 Maintaining Company Data. Objectives : टैली म कं पनी बनाएँ  कं पनी को एिडट करना  कं पनी क जानकारी को एिडट करना. हम एक उदाहरण के िलए एक कं पनी अॅपे स से स और स वस को लेते है| यह कं पनी कं पयूट र के उपकरण और सॉ टवेयर खरीद करती है और यह सीधे ाकक को बेचती है| अब नीचे दी गई जानकारी के अनुसार यह कं पनी बनाते है Gateway of Tally > Company Info. > Create Company अब company creation क Windows ओपन होगी, यहाँ िन न जानकारी टाइप कर –. Page: 15. Tally.ERP 9.

(16) IT Khoj Directory: कं पनी डाटा जो लोके शन पर टोर होगा, उसका पाथ हम यहाँ दे सकते है| Name: कं पनी का नाम यहाँ दे| Company Logo: हम यहाँ कं पनी के लोगो को िडफाइन कर सकते है| Mailing Name: यहाँ उपर दया कं पनी का नाम अपनेआप आ जाता है| हम अपनी ज रत के िहसाब से इसमे बदल कर सकते है| Addess: कं पनी का पता यहाँ टाइप करे | Statutory Compliance: देश क सूची से भारत को िसले ट कर। State: रा य क सूची से उिचत रा य को िसले ट कर। Pin Code: िन द पते का िपन कोड दज कर। Telephone No.: कं पनी का टेलीफोन नंबर दज कर। E- Mail: यहाँ दया गया ई-मेल पर टैली डा यूमटस्, रपोट और डाटा को भेजता है| Currency Symbol: यहाँ िडफ़ॉ ट. प से Rs होता ह|. Maintain: कं पनी का नेचर िसले ट कर याने िसफ अकाउं ट या इनव ी के साथ अकाउं ट| Financial Year From: कं पनी का िव तीय वष जो तारीख से शु. होती है वह दज कर|. Books Beginning From: उपर द गयी तारीख यहाँ अपने आप आ जाती है| ले कन हम कं पनी के अकाउं ट बूक जो तारीख से शु अगर कं पनी 10 जून को शु. हो रहा है वह तारीख दे सकते है| उदा. के िलए. ई है तो यहाँ 10 जून तारीख दे|. TallyVault Password: TallyVault यह एक सुधारीत िस यो रटी फ चर है, जो कं पनी के डेटा क सुर ा के िलए एि. टेड फॉम मे होता है और यह पासवड ोटे ट होता है| इस. पासवड के िबना डाटा को ए सेस नही कया जा सकता| अगर यह पासवड भूल गये तो इसे रकवर नही कया जा सकता|. Page: 16. Tally.ERP 9.

(17) IT Khoj Use Security Control: टैली म कई िस यो रटी कं ोल है, जो िविभ न युजर क अथॉ रटी को िडफाइन करता है| इसम डेटा को ए सेस करना, डेटा भरना, बदल करना या िडलीट करना आ द क अथॉ रटी दे सकते है| Base Currency Information: इसम करं सी से संबंधीत िविभ न् जानकारी होती है जैसे करं सी िस बॉल, करंसी का नाम, डेिसमल लेसेस आदी|. उपर द गयी सभी जानकारी दज करने के बाद नीचे के Y बटन को Geteway of Tally क. ेस कर| अब. न इस तरह से दखेगी -. Modification of Company information: कं पनी बनाने के बाद, आप कं पनी के िववरण मे बदलाव कर सकते ह। इस के िलए Alt + F3 क ेस करे और जो कं पनी को मोिडफाई करना है वह िसले ट कर|. Page: 17. Tally.ERP 9.

(18) IT Khoj Shut Company: य द आपने कोई कं पनी को ओपन कया है और अब आप इसे बंद करना चाहते है तो Alt + F3 ेस कर और कं पनी को िसले ट कर| इस कं पनी का नाम िल ट से िनकाल दया जाएगां|. Delete Company: अगर आपको तयार कोई कं पनी को िडलीट करना ह तो पहले उसके सभी एं ीज को िडलीट करना होगा, फर Alt+D क ेस कर|. इसके अलावा वट कल बटन बार पर िन न बटन होते है -. 1) F1: Select Company – अगर आपको एक से अिधक कं पनी ओपन करनी है तो F1 क ेस कर| 2) F1: Shut Company – अगर एक से कं पनी ओपन है और कोई कं पनी बंद करनी है तो Alt+F1 क ेस कर| 3) F2: Date – यहाँ से आप टै ली क आज क तारीख बदल सकते ह। 4) F2: Period - कं पनी का करं ट िप रयड सेट करने के िलए Alt+F2 क ेस कर| 5) F3: Company – यह िवक प तभी ए टीवेट होता है जब एक से अिधक कं पनी ओपन हो| कसी कं पनी को िसले ट करने के िलए F3 क दबाएँ। 6) Alt + F3: Company Info - आप Alt + F3 क ेस करगे तो company info मेनू ओपन हेागा|. Page: 18. Tally.ERP 9.

(19) IT Khoj. Chapter - 4 Creates Ledger and Groups. Objecitve : लेजर बनाएँ।  एक से अिधक लेजर बनाएँ।  लेजर का ूप बनाएँ।. Ledgers/ Accounts: जनल एं ीज करने से पहले हमे लेजर बनाने होते है| लेजर एक तरह के अकाउं ट होते है, िजनक मदद से हम वाउचर एं ीज करते है| उदाहरण के िलए Sahayog Traders a/c, Bank A/c आ द.. Goups: ुप एक िह तरह के लेजस का सं ह होता है| हम एक ही तरके लेजस का कं पनी पर भाव देखने के िलए इन. ुप को बनाते है| उदाहरण के िलए सभी से स लेजर को Sales. account ुप म लेते है|. Predefined Groups of Accounts :Tally.ERP 9 म पहले से ही 28 पूविनधा रत. ुप होते है। िजसम से 15 मु य या. ाथिमक ुप और 13 सब- ुप होते ह।. Page: 19. Tally.ERP 9.

(20) IT Khoj Create Accounts/Ledger :लेजर बनाने के िलए Getway of Tally---------Accounts Info. ---Leadger --SingleLedger---------- Create. लेजर क इस वडो म िनचे के हेडस् ह Name: यहां पाट का / लेजर का नाम दज कर। Alia: अगर आप उपनाम नाम देना चाहते ह तो यहां दे| Under: यह लेजर िजस ुप के नीचे आता आता है उसको िसले ट करे | Inventory Values are Affected: अगर आप इनव ी मटेन कर रहे है और इस लेजर के ै ज़ै शन इनव ी पर असर करगे तो यहाँ Yes दे| Address: पाट का पता दज कर। State: िल ट से टेट को िसले ट कर|. Page: 20. Tally.ERP 9.

(21) IT Khoj Pin Code: िपन कोड दज कर। Opening balance: अगर कोइ आप नग बैलस है तो यहाँ दज कर। यहाँ अकाउं ट ुप और उनके संभव लेजर क िल ट ह –. 1. Bank Accounts. For Saving & Current Accounts. (Do not take banks from which we take loan) 2. Bank OCC(Overdreft. Accounts of Bank Overdreft in any. and Cash Credit) & Bank OD A/c 3. Branch/Division. Accounts of any branch or division of business. 4. Capital Account. Accounts for Capital. 5. Cash-in-Hand. For Cash A/c, Petty Cash. 6. Current Assets. For Assets A/c which are of Short Period or regurlarly fluctuating value like Bills Receivable,. 7. Current Liabilities. liabilities which are of short period likes Bills Payable.. Page: 21. Tally.ERP 9.

(22) IT Khoj 8. Deposite Assets. 9. Direct. Expenses. For Fixed Deposite in Bank or any Bonds &. Expenses ( Direct ). Expenses. which. effets. directly. on. Production or Gross Profit like Factory Rent, Wages etc.. 10. Direct Incomes & Income (Direct ). 11. Duties & Taxes. Incomes. which. affets. directly. on. Production or on Gross Profit. For A/c like VAT, Excise duty, Sales Tax, Income Tax come under this group.. 12. Expenses Indirect & Indirect (Expenses ). 13. Income Indirect & Indirect (Income ). 14. Fixed Assets. Expenses under administration come under this group like Advetisement, Salaries etc. Incomes like Commission received, Rent received. For the assets which are of long period come under this group like Machinary, Building etc.. 15. Investment. For investment in Shares, Bonds, Long term Bank Deposite etc.. 16. Loans (Liability ). For the long term loan taken form others. 17. Misc.. For the Assets which are before start. (Assets). Page: 22. Expenses. company. Tally.ERP 9.

(23) IT Khoj 18. Provision. For the Provision of Future expenses like Income Tax, Depreciation. 19. Purchase A/c. For. the. accounts. of. Purchase. &. Purchase ruturn 20. Sales A/c. For the accounts of Sales & Sales Return. 21. Reserves & Surplus /. For. Retained Earning. the accounts. of. Reserves like. General Reserve. 22. Stock - in - hand. For Closing Stock. 23. Sundry Creditor. From whom purchased goods on Credit. 24. Sundry Debtor. To whom sold goods on Credit.. 25. Suspense A/c. For the Accounts whous group we can't decied. 26. Secured Loans. For long term and short term loan whic is taken against security of some assets. 27. Unsecured Loans. For loans obtained without any security.. लेजर स न म िन िलिखत आ शन उपल ध ह Display – यहाँ बनाएं लेजर क िल ट दखती है| Alter – यहाँ से आप लेजर मे बदल कर सकते है|. Page: 23. Tally.ERP 9.

(24) IT Khoj Delete ledger – आप Alter. न पर Alt+D क ेस करके कोई भी लेजर िडलीट कर. सकते है|. Create Multiple Ladgers: अगर आप ज दी से एक ही ुप म कई लेजर बनाना चाहते है तो यह आ शन चुने. Under group: जो ुप के िनचे यह लेजस बनाने है वह ुप िसले ट कर|. Create New Group: Group: एक ही नेचर के लेजस का कलशन को ुप कहा जाता है| टैली म पहले से ही कइ ुप बने होते है, ले कन अगर आपको खुद का कोई ुप बनाना है तो -. Getway of Tally ----Account Info.----- Groups------Single. Group-----. Create. Page: 24. Tally.ERP 9.

(25) IT Khoj. यहाँ िनचे क जानकारी को भरे – 1) Name: ुप का नाम यहाँ एंटर करे | 2) Alias: रे फरं स के िलए अगर आप अलग नाम चाहते है तो यहाँ दे| 3) Under: टैली म पहले से ही िडफाइन ुप मे से काई भी पैरट ुप को िसले ट करे | 4) Group behaves like a Sub-Ledger: अगर आपने यहाँ Yes िसले ट कया तो यह यह ुप लेजर के िलए कं ोल अकाउं ट क तरह काम करे गा| याने िसफ ुप का बैल स दखेग ा ना क लेजर के िहसाब से| 5) Nett Debit/Credit Balances for Reporting: अगर आपने यहाँ Yes िसले ट कया तो Trial Balance म अगल डेिबट और े िडट बैलस क जगह इस ुप क नेट अमाउं ट दखेगी| 6) Used for calculation: अगर आप इस. ुप के अकाउं ट ग करते समय डयु टज और. टै स को लागू करना चाहते ह तो यहाँ Yes िसले ट करे |. Alter Group: ुप तयार करने के बाद अगर आपको इसमे बदल करना है तो Single and Multiple Groups से After को िसले ट करे |. Page: 25. Tally.ERP 9.

(26) IT Khoj Delete Group: कसी ुप को िडलीट करने के िलए Alt + D ेस करे | ले कन ुप को िडलीट करने से पहले इसके सभी लेजस को िडलीट करना होगा| Exercise:1 अब िनचे दए गये लेजर बनाएं| इसक वाउचर एं ी आप चै टर नं. 5 के ए ससाइज़ 2 मे देखगे|. Sr. No.. Ledger. Group. 1. Capital A/c. Capital Account. 2. Vehical A/c. Fixed Assets. 3. Furniture A/c. Fixed Assets. 4. Bank of India. Bank Account. 5. Purchase A/c. Purchase A/c. 6. Sales A/c. Sales A/c. 7. Sujit A/c. Sundry Debtors. 8. Telephone Bill A/c. Indirect Expenses. 9. Commission Rec. A/c. Indirect Income. 10. Himanshu Sales. Sundry Creditors. 11. Purchase Return A/c. Purchase A/c. Page: 26. Tally.ERP 9.

(27) IT Khoj 12. Salary A/c. Indirect Income. 13. Janta Bank A/c. Loans (Liability). 14. Advertisement Exe. A/c. Indirect Expenses. 15. Office Rent A/c. Indirect Expenses. 16. Dhiraj A/c. Sundry Debtor. 17. Sales Return A/c. Sales Account. 18. Electricity Bill A/c. Indirect Expenses. 19. Vehical Depreciation A/c. Depriciation. 20. Furniture. Depreciation. A/c. Depriciation. 21. Bills Receivable A/c. Current Assets. 22. Kishor A/c. Sundry Creditor. 23. Bills Payable A/c. Current Liability. 24. Mandar A/c. Sundry Debtor. 25. Sum Microsystem A/c. Sundry Debtor. Page: 27. Tally.ERP 9.

(28) IT Khoj Chapter - 5 Accounting Voucher. Objectives : वाउचर एं ी के टाइप देखना  वाउचर एं ी करना. Voucher: एक वाउचर एक द तवेज होता है, जा कसी िव ीय ै ज़ै शन का िववरण होता है| मै युअल एं ी म इसे जनल एं ी भी कहते है| वाउचर मे सभी िबजनेस ै ज़ै शन पूण िववरण के साथ रकाड कया जाता है|. Types of Voucher: Tally.ERP 9 म पूविनधा रत िन िलिखत वाउचर के कार है|. 1) Contra (F4) : यह कारे के वल बक अकाउं ट और कै श ै ज़ै शन के िलए उपयोग होता है| उदाहरण के िलए आपने बक म कै श जमा कया या बक से कै श िनकाला या फर एक बक अकाउं ट से दूसरे अकाउं ट मे पैसे ा सफर कये तो इ हे Contra मे लेना चािहएं| ले कन बक से लोन िलया तो यह इस वाउचर टाइप म नही आएगा| Eg. 1) Open Bank Account in Bank of India with Rs. 5000 2) Withdrawn from Bank of India Rs. 2000. Page: 28. Tally.ERP 9.

(29) IT Khoj 2) Payment (F5) : यह कार तब िसले ट कर जब ै ज़ै शन कै श मे हो| उदाहरण जब cash a/c या कसी बक अकाउं ट से कै श से भुगतान कया हो तो इस टाइप को िसले ट कर| E.g. 1) Machinary Purchase for cash Rs. 20000 2) Salary Paid Rs. 3000. 3) Receipt (F6) : जब िबजनेस म कोई भी. ोत से कै श या चेक आता है तो यह वाउचर. का टाइप िसले ट कर| E. g. 1) Machinary Sold for cash Rs. 10000 2) Commission Received Rs. 2000. 4) Journal (F7) : जब गैर कै श ै ज़ै शन हो या जो उपर दए गए कसी टाइप म फट नह हो रहा है तो इस टाइप को िसले ट कर| उदाहरण के िलए े िडट पर से स और पचस, िलए लोन पर याज देना या कु छ अकाउं ट एडज टमट| E.g. 1) Depreciation to be charged on Machinery Rs. 50000 2) Bills Receivable of Rs. 10000 from Sun Traders. 3) Bills Payable to India co. of Rs. 2500. 5) Sales (F8) : सभी कै श और े िडट से स के िलए यह टाइप िसले ट करे | E.g. 1) Sold Goods on credit to Sun Micorsystem for Rs. 20000. 6) Credit Note (Ctrl + F8) : जब हम सेल कया आ माल वापस िमलता है, तो उसका िडटे ल एक नोट मे होता है िजसे े िडट नोट कहा जाता है| जब से स रटन ै ज़ै शन हो तब यह वाउचर टाइप िसले ट करे | e.g. 1) Goods Return by Sagar Traders of Rs. 2500. Page: 29. Tally.ERP 9.

(30) IT Khoj. नोट – डेिबट/ े िडट नोट को एि टव करने के िलए वाउचर एं ी. न पर F11 क. ेस कर| फर Use Debit/Credit Notes के आगे Yes दे| इसके अलावा Reverse Journal और Memo को एि टव करने के िलए Use Rev. Journal & Optional vouchers के आगे Yes दे| आिखर म सेव करने के िलए Ctrl + A ेस करे |. 7) Purchase (F9) :- सभी पचस (कै श और े िडट म) को Purchase Voucher टाइप म एंटर करे | E.g. Puchase Machinery from Sun Traders for Rs. 40,000/-.. 8) Debit Note (Ctrl + F9) :- जब हम खरीदा आ माल वापर करते ह, तो उस माल का िववरण एक नोट म होता है| इसे डेिबट नोट कहा जाता है। जब पचस रटन ै ज़ै शन हो तब यह वाउचर टाइप िसले ट करे | e.g. 1) Goods return to Sumit Traders of Rs. 3000. Page: 30. Tally.ERP 9.

(31) IT Khoj 9) Reversing Journal (F10) :- इस एं ी का भाव िसधे अकाउं ट पर नही होता| कई बार कु छ ै ज़ै शन के असर को योगा मक के िलए देखना होता है, तब इस वाउचर टाइप को िसले ट करे | इस टाइप म कये जाने वाले एं ीज का असर िवशेष िपरीएड के िलए िह हेाता है और हम उस िपरीएड पर ही इसका भाव देख सकते ह| इस िपरीएड के बाद इस वाउचर टाइप के सभी एं ीज रवस हो जाती है| नोट: यह वाउचर टाइप एि टव करने के िलए वाउचर एं ी. न पर F11 ेस कर और. Use Reversing Journals & Optional Vouchers option म Yes दे|. 10) Memo (F10) :- मेमो वाउचर एक नॉन अकाउं ट ग वाउचर है और इसमे कए गए सभी एं ीज अकाउं ट पर असर नही करते| यह एं ीज एक अलग मेमोरी रिज टर म टोर होती है| आप इन मेमोरी वाउचर को रे युलर वाउचर म कनवट कर सकते है| जब आप भिव य म होने वाले खच के िलए ावधान करना चाहते है, ले कन भूलने संभावना होती है, तो यह वाउचर टाइप िसले ट कर| उदाहरण के िलए जब आपने कसी ए पलाइ को कु छ आइटम खरीदने के िलए कै श देते है, िजसक सही कमत आपको मालूम नही है| तो बजाय दो एं ीज करने के , िजसम से एक petty cash advance और दुसरी बची नकदी क वापसी , आप इस एं ी को मेमोरी मे कर और बाद म इसे वा तव म खच अमाउं ट क ही एं ी पेमट वाउचर म कर|. 11) Post Dated :- इस टाइप का भिव य क एं ीज के िलए ही उपयोग हेाता है| ले कन मेमोरी वाउचर के िवपरीत, यह एं ीज अपने आप दी गई तारीख पर रे युलर एं ीज म कनवट हो जाती है| रे युलर होने वाले ै ज़ै शन के िलए यह वाउचर टाइप उपयोगी है| उदा. अगर आप हर महीने क 10 तारीख पर कराया भुगतान करते है, तो आप post dated voucher टाइप म यह सभी एं ीज को कर और फर हर मिहने क 10 तारीख को यह एं ीज ऑटोमे टक रे गुलर एं ी मे क वट ह गे| Ctrl+T ेस करके आप Post Dated Voucher टाइप को िसले ट कर सकते है|. Page: 31. Tally.ERP 9.

(32) IT Khoj 12)Optional :- ऑ शनल वाउचर कसी भी वाउचर का. कार नह है| सभी वाउचर. (non-accounting vouchers को छोड के ) को वाउचर एं ी करते समय ऑ शनल माक कर सकते है| ऑ शनल वाउचर एक नॉन अकाउं ट ग वाउचर है, यानी इसम कए गए सभी वाउचर एं ीज का असर अकाउं ट बुक पर नही होगा| टैली इआरपी9 इन एं ीज को लेजर मे पो ट नही करता ले कन इसको अलग ऑ शनल रिज टर म टोर करके रखता है| आप इनमे बदल कर सकते है और जब चाहे तब इन ऑ शनल वाउचर को रे गुलर वाउचर म क वट कर सकते है| उदाहरण के िलए आप 50,000 / - क मशीनरी के िलए अगले मिहने म खच करना चाहते है, ले कन इस वाउचर के साथ आज ही रपोट देखना चाहते है| तो आप यह एं ी करते समय आप इसे ऑ शनल माक कर सकते है| फर जब आप इस ऑ शनल वाउचर के साथ रपोट देखगे तो इसका इफे ट आप दख सकते है|. Creating a New Voucher Type हम उपरो. वाउचर टाइप के अलावा इ य नया वाउचर टाइप बना सकते ह| मान लीिजए. हम बक और पीटी कै श को अलग रकॉड करना चाहते है और इसके िलए पहले से िडफाइन पेमट वाउचर क जगह दो वाउचर टाइप चाहते है| यह करने के िलए हमे Bank Payment voucher टाइप बनाना होगा| एक नया वाउचर टाइप बनाने के िलए Go to the Gateway of Tally - Accounts Info. - Voucher Types - Create. अब हमे िन म जानकारी को भरना है – 1. Name: Bank Payment 2. Type of Voucher: Payment (िडफ़ॉ ट Tally.ERP 9 वाउचर को पेसीफाइ करे , िजसका काय नए वाउचर को कॉपी चािहए) 3. Abbr.: Bank Pymt (संि. Page: 32. प). Tally.ERP 9.

(33) IT Khoj 4. Method of Voucher Numbering: यहाँ आप Automatic, Manual or None मे से कसी एक चून सकते है| 5. Use Advance Configuration: No 6. Use EFFECTIVE Dates for Vouchers: No 7. Make ‘Optional’ as default: No (Yes दया तो यह इस वाउचर टाइप को िडफ़ॉ ट. प से ऑ शनल वाउचर बना देगा). 8. Use Common Narration: Yes 9. Narrations for each entry: No 10. Print after saving Voucher: No 11. Name of Class: Skip.. आिखर मे सेव करने के िलए Y या Enter ेस करे |. Page: 33. Tally.ERP 9.

(34) IT Khoj. Vouchar Entry :1) In Double Entry Mode :- इस टाइप म डेिबट कौर े िडट का िववरण अलग कॉलम मे होता है| नीचे double Entry Mode वाउचर एं ी. ऊपर क. न का उदाहरण है:. न म िन िलिखत कं पोनंट है -. a) Date :- वाउचर एं ी. न के ऊपर बा ओर, एक डेट का ऑ शन होता है| वाउचर. एं ी करते समय िपछले वाउचर क डेट यहां िडफ़ॉ ट प से आ जाती है| इसम बदल करने के िलए F2 क ेस करे | b) Type of Voucher :-. न के उपर िसले ट कया वाउचर का टाइप दखता है|. c) Ref. :- यह ऑ शन िसफ पचस और से स टाइप मे दखता है| यहाँ आप िबल नंबर को रे फरं स नंबर के. Page: 34. प म दे सकते ह|. Tally.ERP 9.

(35) IT Khoj d) Dr/Cr :- यहाँ डेिबट लेजर डेिबट साइड म और े िडट लेजर े िडट साइड म िसले ट करे | अगर आपको यहाँ Dr/Cr क जगह To/By दख रहा है तो F12 क ेस कर और Use Cr/Dr instead of To/By during entry के सामने Yes दे और फर सेव करने के िलए Ctrl + A ेस कर| e) Debit/Credit Amount :- यहाँ अमाउं ट दे। f) Narration :- यहाँ इस वाउचर एं ी के बारे म िव तार से िववरण होता है।. 2) In Single Entry Mode :- यह िसफ Payment, Receipt और Contra voucher टाइप के िलए है| यहाँ हमे वाउचर एं ी के समय डेिबट या े िडट को पेिसफाइ करने क ज रत नही है| यह एक से अिधक डेिबट या े िडट िसले ट करने मे मदद करता है|. Page: 35. Tally.ERP 9.

(36) IT Khoj Note: Single Entry Mode को एि टवेट करने के िलए Configure button को ि लक कर,. फर F12. क. ेस कर| बाद म Use Single Entry mode for. Pymt./Rcpt./Contra के सामने Yes िसले ट कर| आिखर म Ctrl+A क ेस करके सेव करे |. 3) Show Ledger Current Balances :उपर दए गए वाउचर एं ी के दौरान अगर आपको लेजर बैलस देखना है, तो F12 क ेस कर| Show Ledger Current Balance के आगे Yes दे और फर बाद म Ctrl+A क ेस करके सेव करे |. 4) Warn of Negative Cash Balance :अगर आप चाहते है क , टैली ने आपको िनगे टव कै श क वा नग देना चािहएं, तो Configure बटन पर ि लक कर| F12 क ेस कर और Warn on Negative cash balance के सामने Yes द| आिखर म Ctrl+A क ेस करके सेव करे |. Page: 36. Tally.ERP 9.

(37) IT Khoj Exercise – 1:. Sr.. Date Voucher. No. 1. Perticular. Debit. 1,00,000. Credit. Narration. Type 01-. F6. Dr. Cash A/c. 04-. Receipts. Cr. Capital A/c. 01-. F7. Dr. Vehicle A/c. 04-. Journal. Cr. Capital A/c. 01-. F7. Dr. Furniture A/c. 04-. Journal. Cr. Capital A/c. 10-. F4. Dr. Bank of India. 04-. Contra. Cr. Cash Ac. 21-. F9. Dr. Purchase A/c. 04-. Purchase Cr. Cash A/c. 1,00,000. 2014 2. 50,000 50,000. 2014 3. 30,000 30,000. 2014 4. 5000 5000. 2014 5. 70000 70000. 2014 6. 26-. F8. Dr. Cash A/c. 04-. Sales. Cr. Sales A/c. F8. Dr. Sujit A/c. 35000 35000. 2014 7. 03-. Page: 37. 10000. Tally.ERP 9.

(38) IT Khoj 05-. Sales. Cr. Sales A/c. 10000. 12-. F8. Dr. Bank of India. 05-. Sales. Cr. Sales A/c. 18-. F5. Dr. Telephone Bill. 05-. Payment. Cr. Bank of India. 21-. F6. Dr. Cash A/c. 05-. Receipt. Cr. Commission A/c. 2-. F9. Dr. Purchase A/c. 06-. Purchase Dr. Himanshu Sales. 2014 8. 8000. Ch. No. 8000. 303131. 2014 9. 1000. Ch. No. 1000. 303133. 2014 10. 2500 2500. 2014 11. 10000 10000. 2014 12. 13. 15-. Ctrl + F9. Dr. Sun Mirosystem A/c 2000. 06-. Debit. Cr.. 2014 Note. A/c. 17-. F5. Dr. Salary A/c. 06-. Payment. Cr. Cash A/c. 20-. F6. Dr. Cash A/c. 06-. Receipt. Cr. Janta Bank A/c. Purchase. Return. 2000. 2000 2000. 2014 14. 20000 20000. 2014. Page: 38. Tally.ERP 9.

(39) IT Khoj 15. 22-. F5. Dr. Advertisement A/c. 06-. Payment. Cr. Cash A/c. 06-. F5. Dr. Office Rent A/c. 07-. Payment. Cr. Bank of India. 11-. F8. Dr. Dhiraj A/c. 07-. Sales. Cr. Sales A/c. 13-. Ctrl +F8. Dr. Sales Return A/c. 07-. Credit. Cr. Dhiraj A/c. 5000 5000. 2014 16. 2000. Ch. No. 2000. 303132. 2014 17. 6000 6000. 2014 18. 1000 1000. 2014 Note 19. 18-. F5. Dr. Electricity Bill A/c. 3000. 07-. Payment. Cr. Cash A/c. 23-. F4. Dr. Cash A/c. 07-. Contra. Cr. Bank of India. 25-. F7. Dr. Vehical Depriciation 1000. 07-. Journal. A/c. 3000. 2014 20. 2000 2000. 2014 21. 2014 22. Cr. Vehical A/c. 25-. F7. Dr.FurnitureDepriciation 3000. 07-. Journal. A/c. Page: 39. 1000. 3000. Tally.ERP 9.

(40) IT Khoj 2005 23. Cr. Furniture A/c. 10-. F5. Dr. Janta Bank A/c. 08-. Payment. Cr. Cash A/c. 12-. F7. Dr. Bills Receivable A/c. 08-. Journal. Cr. Kishor A/c. 20-. F7. Dr. Mandar A/c. 08-. Journal. Cr. Bills Payable. 2600. Being 2600. Inst.Paid. 2014 24. 2200 2200. 2007 25. 2000 2000. 2014. Page: 40. Tally.ERP 9.

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References

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