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Apsara Sadhana

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Academic year: 2021

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POWER OF TANTRIK SADHANA

जजवन कज पपरतययक ककपरयय तनतपररकत ककपरयय हह॰यह पपरकककत,यह तयरय मणडल,मननषय कय ससबसध,चकरतपर,कवचयर,भयवनययय सब कनछ तर तसतपर सय हज चल रहय हह;कजसय हम जजवन तसतपर कहयतय हह॰जजवन मय करई घटनय आपकर ससचनय दयकर नहजस आतय हह,कयरकय सयमयनय वयककत मय इतनय अकधक सयमरयर नहजस हरतय हह कय वह कयल कय गकत कर पहयचयन सकय,भकवषय कय उसकर जयन हर,समय चकपर उसकय अधजन हर यय बयतय ससभव हज नहजस,इसकलयय हमय तसतपर कज शककत कर समजनय आवशयक हह यहज इस बललग कय उदयशय हह. Aghor Home Beer Kangan Astrology in Tantra Vashikaran Tantra Apsara Siddhi Itar Yoni Tantra Shabari Shakti. Paach Khand Vidya Parad Vigrah

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Showing posts with label Apsara mantra. Show all posts Showing posts with label Apsara mantra. Show all posts 10 Jan 2016

जल

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जल परज तर सभज नय सननय हह और आज मह एक गरपनजय बयत बतय रहय हन "जल अपसरय भज हरतज हह"।कजसकय बयरय मय आज मह यहय आप सभज कय कलयय कलख रहय हसस। महतवपसरर बयत तर यह कज बहरत कम लरग अपसरय कज उतपकत कय बयरय मय जयनतय हह तर मह बतय दयतय हस कय अपसरय कय उतपकत समनद मसथन सय हनआ हह और इसकय बयरय मय अकधक मयहजकत आपकर पनरयरर सय पपरयप हरगज। जप समनदपर मसथन सय अपसरयओस कय उतपकत हर रहय थय तब अपसरय वगर मय सबसय आकखर मय "जल अपसरय" कय पपरतयकजकरर हनआ थय। जल अपसरय कभज इसदपर कय दरबयर मय यय कफर ककसज अन दयकव/दयवतय कय पपरसननतय हयतन नपरत नहज करतज हह,वह तर हमयशय आनसद मय रहतज हह अपनय कपतय समनदपर दयव कय सयथ जर उनसय अतययकधक सनयह करतय हह। अनय अपसरयएए तर अपनय कपतय कर छरड कर दयव लरक चकल गयज परसतन जल अपसरय नय अपनय कपतय कय सयथ कभज नहज छरडय इसकलय इनकय महतव अतययकधक हह। आप अपसरय कर सयधयरर नय समझय कयनकय महयबलज हननमयनजज कर एक अपसरय नय हज असजनय कय रप मय जनम कदयय हह। तर सरकचयय जब अपसरय हननमयनजज कर जनम दय सकतज हह तर उनमय ककतनज कमतय हरगज उनकय कपपरय सयधक वगरर कर सनख दयनय कज? आप इतनय समकझयय अपसरयएए करइ सयधयरर यरकनयय मय सय नहज हह अकपतन अधरदयकवययए हह जर अपनय सयधक कर सब कनछ दयनय कक कमतय रखतज हह। इस दनकनयय मय कनछ ययसय भज मनखर हह जर कहयतय हह "मह गययरह कदनर मय अपसरय पपरतयक करवय दनगय" तर आप भज मयरय एक बयत समझ कलजजयय "कजसनय अपसरय सय पपरयम ककयय हर उसकय कलयय तर कसफर गययरह कमकनट कय कयम हह परसतन अपसरय सय पपरयम करनय इतनय आसयन कययर नहज हह। करइ कहयतय हह अपसरयएए मसतपर शककत सय पपरतयक हरतज हह तर ययसय लरगर कय कलयय कसफर एक बयत कहनगय "इनकय बयप करइ कवशवकमतपर हह कयय जर यय लरग मसतपर शककत सय पपरतयकजकरर करवय रहय हह?"। आप कचसकतत नय हर,मह यहय शयबर मसतपर कय वयसतकवक रप और उसकज कमतय कयय हह यय कलख रहय हन और यहय पपरतयकजकरर कय बयत नहज हर रहय हह। यहय आज मय दनलरभ बयत बतय रहय हस । अपसरयएए पपरतययक वयककत कय मन कज बयत बतय सकतज हह और भनत भकवषय वतरमयन भज बतय सकतज हह। यय कययर कसफर "जल अपसरय"करतज हह जर दनलरभ हह तसतपर कय कयतपर मय और अब तक इसकय कवधयन गरपनजय रखय गयय हह। "जल अपसरय"अतयनत रतनकपपरयय हह,वह एक कवशयष रतन सय पपरयम करतज हह। रतन तर पनरयतन कयल मय समनदपर सय पपरयपत हरतय थय और आज भज पपरयपत हरतय हज हह,इसमय करइ ससदयह नहज हह। कपतय सय अतययकधक पपरयम हरनय कय कयरर सय "जल अपसरय"कर रत अतययकधक कपपरय हह परसतन एक रतन ययसय भज हह जर "जल अपसरय"कर अतययकधक कपपरय हह। अगर इस रतन पर गनहकयकल तसतपर कय शयसवत 55 मसतपरर सय कसद ककयय जययय तर पनरर सफलतय हम पपरयपत कर सकतय हह और गनहकयकल जज इतर यरकन कज आरयधयय हह। इसजकलयय जब गनहकयकल कज पपरचणड शककत चहतनय हरतज हह तब तर समसत इतर यरकनयय कशघपर जयगपरत हरतज हह। इस सयधनय मय एक कवशयष रतन कय आवशयकतय हह और कबनय रतन कय सयधनय कर सफल बनयनय कय करइ भज दनसरय मयगर नहज हह। इसकलयय कबनय कवशयष रतन कय सयधनय करनय कज सरचनय भज मतलब समय कर वयथर करनय कय समयन हह। इस सयधनय मय कजस रतन कय महतव हह,आज वह रतन कम सय कम 900 रपयय कहरट सय मयकरट मय बयचय जय रहय हह परसतन यहय पर मह उस गरपनजय रतन कय नयम नहज बतय रहय हस कयनकय अगर रतन कय नयम बतय दनगय तर लरग रतन कय महतव कर समझकर महहगय दयम मय बयचनय शनर कर दयगय ।इस गरपकनय रतन मय गनहकयकल जज कय अदभनत शककत हह कजसकय कयरर समसत अधर दयकव/दयवतयओस कय सयथ समसत इतर यरकन शककतययए मसतपर जयप सय तनरसत आककषरत हरकर सयधक कय सयमनय आजयतज हह,इसमय करइ ससदयह नहज हह कयनकय यह बयत गनहकयकल तसतपर मय कवशयष रप मय कहय गयय हह।यह रतन सयधनय हयतन कम सय कम सववय चयर कहरयट/रकत कय हरनय जररज हह और मह सयधनय हयतन सयधकय कर कम सय कम पयच कहरयट/रकत कय रतन 3100/- रपयय कय मन बनय चनकय हस कयनकय सनकशल नररलय सयधकर सय पपरयम करतय हह पहसर सय नहज ।यहय यह गरपकनय रतन जर पयच कहरयट कय हह 4500/-रपयय मय सयधयरर रतन कय रप मय कमलनय मयकरट मय पपरयरसभ हरतय हह,उकसकर मह 3500/-रपयय मय दय रहय हस और मह करइ सयधयरर रतन नहज दय रहय हस,मह कसफर इस सयधनय हयतन कवशयष अचछय रतन दय रहय हस ।सयथ मय इस रतन कर मह गनहकयकल कय शयसवत 55 मसतपरर सय पपरयर-पपरकतषठजत करकय दय रहय हस तयकक आपकर सयधनय मय पनरर सफलतय पपरयपत हर ।मयरय एक हज लकय हह "सभज सयधक एक अचछय कसदपकध कर पपरयपत करय,कजससय उनकर समसत सयधनय मय सफलतय पपरयपत करनय हयतन सहययक कसदपकध कमलय ",इसज तयतपयर कर पनररतय दयनय मह आवशयक समजतय हस ।

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मनझय ययसय वयककतयय कय बयरय मय सरचनय जररज हह जर इस कयतपर मय कनछ भज कर जयनय हयतन जययदय सरचतय नहज हह,वनयर इस दनकनयय मय सवयस कर धरकय दयनय वयलय सयधकर कय करइ कमज नहज हह,इसकलयय वह कनछ मसतपर कवदय कय भररसय अपनय आपकर सवयस घरकषत महयन तयसकतपरक समझ बहठतय हह और कसफर कजवन मय दनखर सय ससघषर करतय रहयतय हह। "जल अपसरय"सयधनय कय यह कवशयषतय हह,कजससय आप ककसज भज वयककत कय मन कय बयत और उसकय भसत भकवषय वतरमयन जयन सकतय हह परसतन वह वयककत आपकय नजरर कय सयमनय उपकसथत हरनय जररज हह। अगर "जल अपसरय"पपरसनन हर जययय तर सयधक कर कइ पपरकयर कय उपहयर कनतय पपरदयन करतज हह। यह सयधनय 21 कदनर कय हह,कजसमय पपरथम कदन मसतपर कय 108 बयर जयप करनय हह और बयकक कय 20 कदनर मय कसफर 54 बयर मसतपर कय जयप करनय आवशयक हह। जब आप रतन कर पपरयपत करय तब उसय अपनय मधयमय उसगलज कय आकयर सय चयसदज कय धयतन मय असगनकठ बनयनय हह और पपरथम कदन पर असगनकठ कर दकहनय हयथ मय पकडकर हज मसतपर कय 108 बयर जयप करकय असगनकठ कर उसज समय धयरर करनय हह। असगनकठ कर धयरर करकय अनय 20 कदन जयप करतय समय आपकर सतपरज कक कमठज आवयजय आययगज और वह आवयज "जल अपसरय कज हरतज हह। इसमय वचन दयनय कय यय लयनय कय करइ कवधयन नहज हह कयनकय "जल अपसरय" सयधनय मय सयधक 21 कदनर मय सफल हरनय कय अवसर हरतय हह। इस सयधनय कर कवशयष मनहनतर मय समपनन करनय पडतय हह,यह भज एक इस सयधनय मय सफलतय पपरयपत करनय कय कवशयष असग हह। सयधनय कसदपकध हयतन "शयबर जल अपसरय मसतपर" इस पपरकयर सय हह जर पनररत: दनलरभ और गरपकनय हह जर दनकनयय कय ककसज ककतयब मय नहज हह कयनकय यह मसतपर "नयथ समपपरदयय"मय गनर मनख सय पपरयपत हरतय हह परसतन मह यहय सयधकर कय कलययर हयतन अपनय गनरजज कय आजय सय हज आपकर मसतपर कवधयन बतयउगय । मसतपर:-।। ॐ नमर आदयश गनरजज कर,आवर समनसदर कज पनकतपर जल अपसरय,समनसदर मय रहयनय वयलज,समनसदर मसथन सय कनकलनय वयलज,जल अपसर तनमहयरज नजर हह पनरयनज,***************************अमनक कय मन कक बयत बतयओ****************भनत भकवषय वतरमयन बतयओ,*************कय असदर कय कदखयओ************ ।। यहय महनय 40% मसतपर कलखय हह और पनरर मसतपर कवधज-कवधयन "कवशयष रतन" कय सयथ दय रहय हस कयनकय यहय पर मसतपर कवधयन दयकर करई फययदय नहज हह और दय भज दन तर इसकय महतव कम हर जयययगय । पपरतययक शबद कय एक अलग मनलय हरतय हह और यह मनलय जर महतव सय समबकनधत हह उसकर सहज सयधक हज समझ सकतय हह,ययसय कवधयन कर समझनय मनखरर कय बस कक बयत नहज हह ।रतन पपरयपत करनय हयतन मनझय ईमयल सय समपकर करय [email protected]

Water Nymph accomplishment.

Water Angel is heard all around and today I have a secret to tell myself "Water Nymph is also" About Kjiske here today, I am writing to all of you. More importantly, the extremely few people know about the origin of nymph I am telling the origin of the nymph of the sea is churned and more about the legend of Mahiti be attained. Origin of elves was the chanting from the churning sea nymph in class in the end, "Water Nymph" was the manifestation. Water nymph ever in the court of Indra Devi, or any un / god does not Nrut for pleasure, he is always in bliss with his father the

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sea god is love them too. Other Apsraaa leave his father was God, but water nymph Public corrugation with his father never left their significance is extremely purged. You simply do not understand nymph Kyuke Mahabali Hanuman as a nymph in the same Anjana gave birth. So think when the nymph Hanuman may lead them to give pleasure to many capacity classes their beloved seeker? Not so much out of you Understand Apsraaa no ordinary birth but is Ardhdeviya your seeker that holds the potential to deliver everything. In this world nothing is fool Yese which also is called "I got eleven days in the nymph direct Duga" So you understand my Liziye "nymph who loved to work for him, but just eleven minutes to love nymph task is not so simple. There is no direct power Kheta mantra is Apsraaa Yese Khuga just one thing to people, "their father is no Biswmitr manifestation of what you are making is that they spell power?".

You're not worried, I am here as Shabr actual spells and his ability to write Who and what is happening here is not a matter of manifestation. I'm here to tell rarity in today.

Apsraaa can tell each person's mind and tell incurred future may present. These functions only "water nymph", which is rare in the field of system and the legislation has been kept secret until now.

"Water Nymph" is very ratnapriya, he falls in love with a special gemstone. Gems were obtained from the sea in ancient times and are still being received, no doubt about it is not. Due to the extreme love of the Father "water nymph" a gem, but the pass is too dear Yesa is also "water nymph" is dear to the extreme. Guhykali

mechanism on this gem eternal 55 Mantras proven success we can achieve is absolutely speaking, and other vaginal Guhykali G is Aaradhya. So when there is consciousness, then all other Guhykali the fierce power is Yonia Instantly awake. This practice is in need of a particular gemstone and gemstone without any of the success of cultivation is also not another way. So think of the mean time to practice without a special gem is similar to waste.

In practice, the importance of this gem, today at least Rs 900 carat gem is being sold on the market, but here I am on the name of the secret gems Kyuke am not telling the name of the gem stones to tell people the importance of Duga Expensive prices started to sell in understanding confidential shelve This amazing power of gemstones in which all semi Devi Guhykali G / gods vagina with all other powers were attracted immediately by chanting seeker is Ajati, It is no doubt In particular, it stated in Kyuke Guhykali system to practice this gem Savva least four carats / Ratti seekers to practice, and I must have at least five carats / stone Ratti 3100 / - Rs mind Hu has made Kyuke Sushil Nrole Kyha devotees loves money not from the five carat gem is the confidential 4500 / -rupye meet as a gemstone in the market in general starts Usiko 3500 I / -rupye give in Hu and I'm not issue any ordinary jewel, I'm just giving the practice an especially good gem in this gem I Guhykali Ksath 55

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Mantras from the eternal life-giving by Pratishtit'm so absolutely you may be successful in practice .My goal is the same, "the seeker to achieve a good accomplishment, which is conducive for them to achieve success in the

accomplishment of all the practices found", this refers to the Puarnta I am turn takes necessary.

Yese people think of me is important in this area not think much is to be anything else in the world that self-deception is not lacking any of devotees, so he spells gazing confidently declared itself self Great Tantric confused and just grieves in Life is prone to conflict.

"Water Nymph" Silence is the attribute which any person can know the mind of the matter and its past present future, but the eye of the person in front of you must be present. If "water nymph" will be agreeable to the seeker provides many types of gifts ever. This practice is of 21 days, which is the first day of the mantra 108 times and only 54 times in 20 days of rest must chant. When you get the gems to the size of his middle finger on the silver metal to Anguti and Anguti on the first day on the right hand holding the mantra 108 times and at the same time to hold the Anguti. Anguti by holding another 20 days while the woman that the sweet voices chanting and the sound will come "is a water nymph. It does not promise to give or take any legislative Kyuke" water nymph "seeker in practice succeed in 21 days There is an opportunity. This practice has to be done in the particular auspicious, it is a special part of achieving success in this practice.

Silence for accomplishment "Shabr water nymph mantra" is thus Puarnt: rare and confidential in the world is not in a book Kyuke the mantra "Nath sect" master in the home comes from, but I am here for the welfare of his devotees Master's

commandment to you Btauga legislation spells.

Here I wrote 40% spells and incantations absolutely mode-legislative "special jewel" with Kyuke am giving here is not worth the mantra by legislation and sad, devalued it will give. Each word has a different price and the price is related to the

importance seeker could understand him correctly, Yese legislation Murkho understand that this is not just email me to get Kratn Info

[email protected]

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Posted by Shri Govind Nath at 04:25 Reaction

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Shri Govind Nath

“कलपजरयइट एकट,1957 ” कय तहत इस कय उललसघन करनय पर तजन सयल तक कज सजय, सयथ मह ढयई लयख तक जनमयरनय हर सकतय हह। इसय कहनदज मह पपरकयशनयकधकयर कहय जयतय हह। इसकलयय करइ भज आटजरकल कर चनरयनय सय पनवर अचछय तरहय सय सरकचयय । -(शपरज गरकवसद नयथ) 30 Dec 2015 परर सससद सरधनर .

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2015 आज चलय जयययगय और इस नववषर पर आपकर बहरत सयरय बधयई कय सयथ उचचकरकट कज सयधनययय भज पढनय कमलयगय। इसमय सय एक सयधनय आज हज दय रहय हस,"आकयश परज सयधनय"जर पपरयमयकरक हह और अनय लरगर नय जर गलत मसतपर कदयय हह तर उनकर भज अब सहज मसतपर कमलयगय। यय सयधनय कवधयन अजमयर कय एक ययसय वयककत सय कमलय हह कजनहरनय परज सयधनयओस मय महयरत हयसजल ककयय हनआ हह और वह एक कहसदन वयककत हह परसतन उनकय जयन कयकबलय तयरजफ हह। उनहरनय इसज सयधनय कय मयधयम सय कई परजयर कर कसद ककयय हह और कई लरगर कय मदत भज उनहरनय तहय कदल सय ककयय हह कजसकय अगर हम शनककपरयय अदय करनय चयहय तर समभव नहज हह। आज कय हज कदन दर वषर पनवर उनकय परलरक गमन हनआ थय और आज भज वह हमयरय सयथ सयधनय कय मयधयम सय कजवजत हह परसतन दयह कय मयधयम सय नहज हह। इस सयधनय सय इकचछत कययर पनरर हरतय हह,परज सयमनय आकर हमयरय कययरर कर समभयल लयतज हह। उसकय रप अतयसत सनसदर हरतय हह,उसकय शरजर हमयशय सनगसध सय महयकतय रहयतय हह। उसकक आसखर मय दयखनय सय सयधक अपनय सबकनछ भनल जयतय हह और परज कय कदवयनय हर जयतय हह। जब वर सपशर करतज हह तर ययसय लगतय हह जहसय सयरज खवयकहश पनरर हर गयज हर,उनकय शरजर हमयशय थसडय हरतय हह और वर जब सवयस हमय सपशर करय तर उसकय शरजर गरम हर जयतय हह परसतन हमयरय सपशर सय उसकय शरजर गरम नहज हरतय हह। परज सयधक कर कभज नयरयज नहज करतज हह,उसकज पपरतययक कयमनय पनरर करतज हह। यय सयधनय करइ भज कर सकतय हह जहसय शयदज-शनदय पनरष भज कर सकतय हह। एकयसत कमरय मय रयकतपर 10 बजय सय 12 बजय तक मसतपर जपय।सनगएधजत धनप दजप जलय कर शनकपरवयर सय शनर करय और तहहतजस (33) दजन कनतय जयप करय। जयप करतय समय "कतलसमज रतन" और कमठयई हयथ मय हज रखय। जब परज पपरकट हर तब सबसय पहजलय उसय "कतलसमज रतन" कनकमरत असगनठज पहयनययय और कमठयई उसय दयकर उसकय हयथ कर चनमतय हनए उसकर अपनज पपरयकमकय बननय कय करशतय कययम रखनय कय वचन बधधतय करय लय। पकर पपरसनन हरनय पर सयधक कक पपरतययक इचछय पनरर करयगज । सबसय पहलय "कतलसमज रतन " कर असगनठज मय बनवयकर सथयकपत करय और १०१ बयर दरद शरजफ पढय । "अललयह हनममय सललय अलय सहयदनय ममलयनय मनहकदव बयरजक वसललम सलयतर सलयमरकय यय रससलअललयह सलललयहर तयलय अलहह वसललम" परज मसतपर कसदपकध हयतन मयलय कय आवशयकतय नहज हह और कबनय मयलय कय ररज 72 कमकनट जयप करनय हह।"कतलसमज रतन (हककक) असगनठज" कर सयमनय रखकर हज मसतपर जयप करनय अकनवययर हह अनयथय हयकनकयरक हर सकतय हह। कयनकय यह कतलसमज रतन करइ सयधयरर रतन नहज हह,यह परज कय कपपरय रतन हह कजसय वर बहरत चयहतज हह। परज सयमनय आनय कय बयद जब तक हम उसकर असगनठज नहज पहयनयतय हह तब तक वर हमयरय वश मय नहज हर सकतज हह। उसकर असगनठज पहयनयनय सय वर हमयरज पपरयकमकय बन जयतज हह और हमय सभज सनख दयतज हह। कबनय असगनठज कय तर शयदज कय करशतय तक नहज जनडतय हह तर सरकचयय तनमहय परज कहसय करशतय जरडयगज ? इसकलयय उसकर कसफर "कतलसमज रतन सय बनज

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असगनठज हज पहयनययय,अनय रतन सय बनज असगनठज पहयनयनय सय वर नयरयज हर जयतज हह और कफर वयकपस कभज नहज आतज हह। आकयश परज मसतपर:-।। कबकसमललयह रहयमयनय रकहम आकयश पकर कय पयव मय घनसगर,नयचकत आवय-बजयतज आवय,सरकत हर तर जयगकर आवय,जयगतज हर तर जलद आवय,छमय छम करय-बयदल मय घरर करय,मयरय हनकनम नहज मयनय तर पकर लरक सय जमजन पर गजरय,हज सयल जहनननम भरगय,लयख लयख कबचछनन कक कपडय भरगय,दनहयई सनलयमयन पहगमबर कक,दनहयई हसन-हनसहन सयहब कज,मयरज भककत गनर कक शककत,फनरर मसतपर ईशवरर वयचय ।। सयधनय मय कसफर सफयद वसतपर,आसन,कमठयई कय पपरयरग करय।सर कय बयल ढकय हनए हर इसकलए सफयद रमयल सर पर बयसधय और गनलयब कय इतपर वसतपरर पर लगयनय हह। सयधनय हयतन पकचछम कदशय कय तरफ मनख करकय बहठनय हह। जयप कय समय कबच मय उठनय नहज चयकहयय और सयधनय करनय कय बयद हज आप आसन सय उठ सकतय हह। परज सयधनयओस कय कनयम :-1.परज सयधनय मह वजपरयसन कय पपरयरग ककयय जयतय हह,जहसय नमयज अदय करनय कय कलए बहठतय हह । 2. वसतपर सवचछ एवस धनलय हनए इसतयमयल करनय चयकहए । 3. असतय भयषर सय बचनय चयकहए और यथयससभव कम बरलनय चयकहए कययकक हम कजतनय जययदय बरलहगय मनख सय असतय तर कनकलयगय हज सयथ हज सयथ हमयरज उजयर भज जययदय नषट हरगज । 4. सयधनय सथल सयफ एवस शयसत हरनय चयकहए । सयधनय सथल पर गसदगज नहजस फहलयनज चयकहए । हर ररज परचय लगयनय चयकहए । एक बयत कय कवशयष धययन रखह कक शमचयलय कय पयस कभज सयधनय नहजस करनज चयकहए और कमरय मह भज शमचयलय नहजस हरनय चयकहए । 5. सयधक कर मन , वचन एवस कमर सय बपरहचयर कय पयलन करनय चयकहए । 6. सयधक कर शमच कय बयद सनयन और लघन शसकय कय बयद हयथ पहर धरनय चयकहए । 7. परज सयधनयओस और अमलय मह चमडय सय बनज हनई वसतनओस सय परहयज रखनय चयकहए ।

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8. इन सयधनयओस कर करनय कय कदनय मह गययतपरज मसतपर जप नहजस करनज चयकहए कययकक इससय सयधनय मह जर शककत ससचयर हरतय हह उसकय कपरम अवररकधत हर जयतय हह । 9. अगर सयधनय मह पनषपय कय पपरयरग करनय हर तर हमयशय तजवपर सनगकनधत पनषपय कय हज उपयरग करनय चयकहए । गनलयब और चमयलज कय पनषप इस दककषट सय उतम हह । 10. सयधनय करनय कय बयद कनछ कमषठयन कय कवतरर हमयशय करनय चयकहए । इस बयत कर लरग हमयशय नजर असदयज कर दयतय हह ,वर लरग यह नहजस जयनतय कक ययसय करनय सय उनकज सफलतय कय पपरकतशत बढ जयतय हह । 11.लरहबयन धनप कय हज पपरयरग करह । लरहबयन कर हर परज सयधनय मह इसतयमयल करनय सय सयधनय अपनय पसरर पपरभयव दयतज हह । 12. सयधनय मह ससतज आसन कय हज उपयरग करनय चयकहए । इन 12 कनयमय कय पयलन अवशय करह कययकक मह आपकर सफल हरतय हनए हज दयखनय चयहतय हस । आपकय कजवन कय कनरयशतय परज सयधनय सय समयपत हरगय यहज आनयवयलय नववषर मय आपकय भकवषय हरगय,आपकर मरहबबत कय सयथ पपरयकमकय कमलयगज कजसय कसफर आप हज दयख सकतय हर दनसरय करइ नहज दयख सकतय हह। वर हमयशय सयधक कय सयथ रहयतज हह,उसकक सयवय करतज हह,सयधक कर वर खनकशययस हज खनकशययस दयतज हह,ककसज भज कययर कय कलयय मनय नहज करतज हह। दनकनयय कय करइ भज ककतयब पढलर परसतन सनकशल नररलय नय कलखय हनयय शबदर कर आप ककसज ककतयब मय नहज पढनय कमलयगय कयनकय इसमय अननभव कय आधयर पर वररन ककयय हनआ हह। ययसय हज ककतयबह मय पढकर यह आटजरकल यहय पर कलखय नहज गयय हह। यहय पर अननभव और पपरयमयकरक कवधज-कवधयन कय सयथ यहय सब कनछ कलखय हनआ हह। "कतलसमज रतन" करइ सयधयरर रतन नहज हह यह कवशयष पपरकयर कय हककक पतथर हह जर कमलनय दनलरभ हरतय हह। कनछ कदन पकहलय मनझय 7 रतन पपरयपत हनए,अब और भज रतन पपरयपत करनय हयतन मह पपरययस कर रहय हन। मनझय 7 रतन पपरयपत हनए इसकलयय मह यहय आज यह सयधनय दय रहय अनयथय मह कबनय रतन कय सयधनय नहज दय सकतय थय । इस दनलरभ रतन कर मह बहरत कम धनरयकश मय आपकर दय रहय हस। मह चयहतय तर यह दनलरभ रतन 10-20 हजयर मय भज दय सकतय थय परसतन तसतपर कय नयम पर सयधकर कय सयथ कखलवयड करनय मयरय कनयमर कय कवरद हह इसकलयय यह रतन मह आपकर 1850 रपयर मय दय रहय हस कजसमय 100 रपयय आपकर करकरयर कय चयजरस अकतकरकत दयनय हरगय। इस पपरकयर सय आपकर 1950/- रपयय मय "कतलसमज रतन" पपरयप हरगय और रतन कय सयथ मय उसकर कसद करनय कय कवधयन भज कदयय जयययगय। ककसज दनसरय वयककत सय कसद ककयय हनआ रतन आपकय ककसज कयम कय नहज हह। रतन कर आप सवयस कसद करहगय तर आपकर पनरर सफलतय पपरयपत हर सकतज हह और परज भज पपरतयक रप मय कसद हर सकतज हह।एक परज कय इलम भज मह आपकर बतय दनगय,कजससय आप अनय परजओ सय समपकर कर सकतय हह। ककसज भज पपरकयर कय परज सय समबकनधत पपरशन और "कतलसमज रतन" कर पपरयपत करनय हयतन ई-मयल कय मयधयम सय समपकर करय। [email protected]

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नववषर कज आप सभज कर शनभकयमनयएस ।

आदयश...

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“कलपजरयइट एकट,1957 ” कय तहत इस कय उललसघन करनय पर तजन सयल तक कज सजय, सयथ मह ढयई लयख तक जनमयरनय हर सकतय हह। इसय कहनदज मह पपरकयशनयकधकयर कहय जयतय हह। इसकलयय करइ भज आटजरकल कर चनरयनय सय पनवर अचछय तरहय सय सरकचयय । -(शपरज गरकवसद नयथ) 28 Dec 2015 अपसरर सससद रहसय . पकशचम भयरत कज अकत दनलरभ पयनडस कलपज "कहवलय नयगरयकद" गपरसथ मह 38 अपसरयओ कय धययन सकहत वररन हह | महनय अपसरय सयधनय इसज कय गपरसथयननसयर कज हह और सफलतय पययज हह | अपसरय सयधनय अतययकधक उचचकरकट कज सयधनय हह अपसरयओ कर दयवयसगनय,नकतययसगनय, एवस दयव कनयय भज कहयतय हह | हमयशय अपसरय सयधनय इशयर करन मह करनज चयकहयय तर सफलतय कमलतज हह तर इसज पपरकयर कय अनय रहसय मह इस ककतयब मह दय रहय हसए | आप अपसरय सयधनय कर सयमयनय यय लघन सयधनय मत समकझयय यह कवशयष पपरकयर कय सयधनय हह,इसय करनय सय आप खनद हज समझ जयओगय कज ककतनज पपरचनड और गरपनजय हह अपसरय सयधनयएस | अपसरय रतन कपपरययएस हह, जहयए रतन हरतय हह वहयए अपसरयएस आतज हह यह दपकवकतय रहसय बतय रहय हसए | अपसरय सयधनय जहसय हज आप पपरयरसभ करहगय आपकय मकसतषक कय सवपन भयग-कचनतन भयग जयगपरत हर जयएगय और आपकर आनसदमयज सतपरज यय इतरयरनज कय सयथ कवचरर करतय हनए कवचयर यय सवपन आकद आनय लगयगय, यह तकतजय रहसय हह | अपसरय जब कसद हर जयकत हह तब सयधक कहयतय हह "मह कनछ नहजस करतय, कफर भज आनसद सय रयहतय हसए", उतम शपरयरज कज सनसदर कसतपरयय मयरय पपरकत सयवयभयव भयव रखतज हह एवस जब भज मनझय ककसज वसतन कज आवशयकतय हरतज हह, वह सवत: हज पपरयपत हरतज हह यह चतनथर रहसय बतय रहय हसए | अपसरय सय सयकयतकयर करनय हयतन बडय-बडय सयधन मनकन, यरगज, तपसवज, कशव गर इतययकद भज तरसतय हह, अपसरय कज लमबयइ 6 फजट सय जययदय हरतज हह और वह दयखनय मह अतयनत सनसदर एवस करमल हरतज हह ययसय पपरकतत हरतय हह उसकज उमपर 16 वषर हर | अपसरयएस दययलन हरतज हह यह समसत मनरकयमनयओस कर पसरर करतज हह, जहसय कनरयशययनकत, लकहजन, आनसद हजन, शककत हजन, बरकझल, वपरदतय कज और अगपरसर हरतय हनए जजवन मह अपसरयएस उसमय पनन: पपरयर फनसककत हह | जर पनरष इस सयधनय कर करहगय उनमय कयमदयव कय समयन गजब कय आकषरर हरगय और कसतपरययए कखचज चलज आययगज एवस जर कसतपरययए इसय करहगज उनमय अपसरयओ कय समयन मरहकतय आ जयएगज और पनरष कखचय चलय आययगय | अपसरय कय सपशर मयतपर सय हज समसत ररग एवस वपरदयवसथय समयपत हर जयकत हह । वयककत कय चयहरय पर तयज आ जयतय हह,सनसदर सतपरज/पनरष अपसरय सयधक कय आस-पयस मसडरयतय रहयतय हह। ययसय दनलरभ ककतयब आपकर पकहलय बयर पढनय कमलयगय कजसमय 38 पपरयमयकरक अपसरय सयधनययय दज हनयज हह।महनय आज तक अपनय हज दयरय कलखय गयय ककतयब सय कनछ खयस लरगर सय अपसरय सयधनय करवययय हह कजसमय उनहय भज कम समय मय सफलतय पपरयपत हनआ । महनय इस कवषय पर आज तक चयर पपरकयर कय अलग अलग पयणडनकलकपयय कर पढकर अभययस ककयय और वह सयधनययय भज करकय दयखय हह। यह सब कनछ हरनय कय बयद मयरय समझ मय आयय कय "अपसरय रतन" सवरशपरयषठ हरतय हह जर अपसरय सयधनय मय कशघपर कसदपकध पपरयपत करनय मय मदत करतय हह। कयनकय उसमय चहतनय ककपरयय सय यनकत हरतय हनयय अमकततव हरतय हह,यह रतन कवशयष तरहय सय पपरयर-पपरकतकषठत करनय पडतय हह। मयरय दयरय कलखजत इस ककतयब कय नयम "अपसरय कसदपकध रहसय" हह और इस ककतयब कय सयथ "अपसरय रतन" कनशनलक कदयय जय रहय हह। ककतयब सय पपरयपत हरनयवयलज धनरयकश "गरजब ककसयन भयई/बहनर"कय मदत हयतन भयजय जयययगय। इस ककतयब सय धन कमयनय हमयरय लकय नहज हह,इस बयत कय ककपयय पयठगर धययन रखह।

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अब बयत करतय हह इस ककतयब मय कवशयष कयय हह ? इसमय अपसरय कय धययन, कवकनयरग, कवशयष नययस, ऋकशनययस, करनययस, रकतनययस, कयमदयवनययस, अपसररनययस, हपरदययदजनययस...इतययकद। इस ककतयब मय मयनकय, कललयवतज, कवधजकचतय, सनसदरज, शनभगयमजनज, हससयवलज, सवरकलय, कपनररमसजरज, पदपकमनज, गनढशबदय, कचकतपरकर, कचतपररपय, गमरज, गयसधयरज...जयय, मरकहनज, चसदपरवकपरय इतययकद इस तरहय सय 38 अपसरय कय सयधनय सटजक रप सय ककतयब मय आपकर दयखनय कमलयगय। पपरतययक अपसरय कय कवशयष धययन भज कदयय हनआ हह। ककतयब मय सब कनछ आसयन भयषय मय कदयय हनआ हह,अपसरय सयधनयओस कय पनरर कवधज-कवधयन आपकर ककतयब मय कमलयगय।सभज सयधनयओस कर एक हज "अपसरय रतन" पर ककयय जय सकतय हह,इसकय कलयय अनय रतनर कय करइ आवशयकतय नहज हह। कजस पपरकयर सय आपकर इस ककतयब मय गरपनजय मसतपर और दनलरभ कवधयन पपरयपत हर रहय हह,वह अनय ककतयबह मय नहज कमलयगय । यह करइ सयमयनय ककतयब नहज हह और इसकय नयरचछयवर रयकश 3550/- रपयय रखय हह। ककतयब नयरचछयवर रयकश पपरयपत हरतय हज आपकर ई-मयल कय मयधयम सय भयज कदयय जयययगय ।आप कहज सय भज ककतयब कय कपपरसनट आउट कनकयल सकतय हह,यह आपकय कलयय सनलभ हर जयययगय और ककतयब भज आपकर कनछ कदनर बयद कनरजयर सय पपरयपत हरगय,ककतयब कय सयथ मय "अपसरय रतन"भज कनशनलक मय पपरयपत हरगय। ककसज भज पपरकयर कय पपरशन हयतन और ककतयब पपरयपत करनय हयतन ई-मयल सय समपकर करह। - [email protected] आदयश...

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Shri Govind Nath

“कलपजरयइट एकट,1957 ” कय तहत इस कय उललसघन करनय पर तजन सयल तक कज सजय, सयथ मह ढयई लयख तक जनमयरनय हर सकतय हह। इसय कहनदज मह पपरकयशनयकधकयर कहय जयतय हह। इसकलयय करइ भज आटजरकल कर चनरयनय सय पनवर अचछय तरहय सय सरकचयय । -(शपरज गरकवसद नयथ)

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11 Nov 2015 पपषपददहर अपसरर सरधनर ( शरबर ममततर ). गनर गररखनयथ पपरकरत एक शपरयषठ गपरसथ मय वकररत यह सयधनय कजसकज पपरकत सवयमज आहत नयथ जज कय पयस उपलबध थज,यह गपरसथ अकत पपरयचजन हह.इसकय एक एक मसतपर अचनक और पपरयमयरजक हह। अपसरय सयधनय सय रपवतज सतपरज कय आकषरर हरतय हह, सजधनय सफल हरनय पर अपसरय आपकर सवगर सय दपरवय और कदवय रसययन लयकर दयगज , कजसय पजनय कय बयद आपकर कभज बनडयपय नहज आएगय l मयनकय अपसरय कसद प पनरष जर बपरमहशपरज कहयलययय और उनहरनय सवयस कवशवयकमतपर नय यह कहय हह 'कक पनषपदयहय कय समयन अन करइ अपसरय सवगरलरक मय हर हज नहज सकतज,इसकय आगय सकभ कसदर नय सवजकययर ककयय हह "कक पनषप सय भज जययदय सनसदर,पनषप सय भज जययदय करमल और पनषपदयहय अपसरय सय जययदय यरवनवकत और सनसदर अपसरय हह हज नहज,उसकय समनदयर तर इतनय अदपकवतजय हह कक इसकय शरजर सय कनरसतर मयदक,मनमरहक,कयमभयव कर उतयकजत करनय वयलय सनगसध पपरवयकहत हरतय रहतय हह। पनषपदयहय इतनज नयजनक हह कक एक बयर उसकर जर भज दयख लय वह उसकर कजसदगज भर नहज भनलय सकतय,उसकय नयन अतयसत दशरनजय हह। आज लयखय लरग अपसरय सयधनय करनय चयहतय हह पर एक बयत ययद रखह कक उसकय सहज पपरयरग करहगय तर जजवन मह ककसज वसतन कज कयमनय बयकज नहज रहयगज कमन नहज चयहतय कक सवगर कज सबसय शककतशयलज अपसरय उसकय सयथ हर वर चयहय तर आपकर सवगर कय दशरन भज करय सकतज हह । अपसरय सयधनय सय हरनय वयलय मनखय लयभ :-1:- जर सयधक पसरर रप सय हषट पनषट हरतय हनए भज आकषरक वयककततव न हरनय कय कयरर अनय लरगय कर अपनज और आककषरत नहजस कर पयतय हह तथय हजन भयवनय सय गपरसत हरतय हह , इस सयधनय कय पपरभयव सय उनकय वयककततव अतयसत आकषरक व चनमबकजय हर जयतय हह तथय उनकय ससपकर मह आनय वयलय सभज लरग उनकज और आककषरत हरनय लगतय हह. 2:- जर सयधक मन कय अननकसल सनसदर जजवन सयथज पयनय चयहतय हह ककनतन ककसज कयररवश यह ससभव न हर रहय हर, इस सयधनय कय पपरभयव सय उनकर मन कय अननकसल सनसदर जजवन सयथज पपरयपत हरनय कज कसथकतययस उतपनन हर जयतज हह और मनचयहय जजवनसयथज कमल जयतय हह. 3:- कजन सयधक कय वहवयकहक, पयकरवयकरक, सयमयकजक जजवन मह कलयश व तनयव कज कसथकत उतपनन हर, इस सयधनय कय पपरभयव सय उनकय वहवयकहक, पयकरवयकरक व सयमयकजक जजवन मह पपरयम समहयदर कज कसथकतययस उतपनन हर जयतज हह. 4:- जर वयककत अकभनय कय कयतपर मह सफल हरनय कज इचछय रखतय हह ककनतन सफल नहजस हर पयतय हह, इस सयधनय कय पपरभयव सय उनकय असदर उतम अकभनय कज कमतय कज वकदपकध हरनय कय सयथ-सयथ अकभनय कय कयतपर मह सफल हरनय कज कसथकतययस उतपनन हर जयतज हह. 5:- जर सयधक यनवयवसथय मह हरनय पर भज पसरर यमवन सय यनकत नहजस हरतय हह, इस सयधनय सय उनकय असदर उतम यमवन व वयककततव कनखर आतय हह. 6:- जर सयधक/सयकधकय सननदर रप समनदयर कज इचछय रखतय हह ककनतन पपरकककत दयरय कनरपतय सय दकणडत हह, इस सयधनय कय पपरभयव सय उनकय असदर आकषरक रप समनदयर कनखर आतय हह.

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7:- जर सयधक कययरकयतपर मह मन कय अननकसल अकधकयरज यय सहकमजर न हरनय कय कयरर असहज पकरकसथयय मह नमकरज करतय हह, यय नमकरज चलय जयनय कय भय रहतय हह, इस सयधनय कय पपरभयव सय उनकय अकधकयरज व सहकमजर उनकय सयथ कमतपरवत हर जयतय हह तथय नमकरज चलय जयनय कय भय भज समयपत हर जयतय हह. 8:- जर सयधक ऐसय मयनतय हह कक वह अनय लरगय कर अपनज बयत यय कययर सय पपरभयकवत नहजस कर पयतय हह, इस सयधनय कय पपरभयव सय उनकय वयककततव अतयसत आकषरक व चनमबकजय हर जयतय हह तथय उनकय ससपकर मह आनय वयलय सभज लरग उनकज और आककषरत हरकर उनकज बयतय यय कययर सय पपरभयकवत हरनय लगतय हह. 9:- जर पनरष/सतपरज कजवन मय अपनय कजवनसयथज सय पपरयपत हरनयवयलय सनखर सय वसकचत हर उनकय कलयय तर यह सयधनय सबसय जययदय करनय उतम हह कयनकय इस सयधनय सय पनरष/सतपरज मय कयमततव जयगपरत हरकर कजवन मय पनरर सनख पपरयपत ककयय जयतय हह. उपररकत कवषयय मह अतयसत कम समय मह हज अपयककत पकररयम दयकर आनसदमय जजवन कर पपरशसत करनय वयलज यह अपसरय सयधनय अवशय हज ससपनन कर लयनज चयकहए, कजससय कनकशचत हज आप अपनज इचछय कज पसररतय कर पपरयपत कर सकतय हह व आनसदमय भमकतक जजवन वयतजत कर सकतय हह कययकक अपसरयएस समनदयर, यमवन, पपरयम, अकभनय, रस व रसग कय हज पपरकतरप हरतज हह, अतत इनकय पपरभयव जहयए भज हरतय हह वहयस पर समनदयर, यमवन, पपरयम, अकभनय, रस व रसग हज वययपत हरतय हह. अपसरयओस कज सयधनय अनयक रपय मह कज जयतज हह, जहसय मयए, बहन, पनतपरज, पतनज अथवय पपरयकमकय कय रप मह इनकज सयधनय कज जयतज हह, ओर सयधक कजस रप मह इनकर सयधतय हह यय उसज पपरकयर कय वयवहयर व पकररयम भज सयधक कर पपरदयन करतज हह, अपसरयओस कर पतनज यय पपरयकमकय कय रप मह सयधनय पर सयधक कर करई ककठनयई यय हयनज नहजस हरतज हह, कययकक यह तर सयधक कय वयककततव कर इतनय अकधक पपरभयवशयलज बनय दयतज हह कक सयधक कय ससपकर मह रहनय वयलय पपरतययक वयककत अपसरय सयधक कय मन कय अननकसल आचरर करनय लगतय हह और अपसरय कर पपरतयक कर कलए जयनय पर वह कबनय ककसज बयधयतय कय सयधक कज सभज इचछयओस कज पसकतर करतज हह.मयए कय रप मह सयधनय पर वह ममतयमय हरकर सयधक कय सभज पपरकयर सय पनतपरवत पयलन करतज हह तर बहन व पनतपरज कय रप मह सयधनय पर वह भयवनयमय हरकर सहयरगयतमक हरतज हह, ओर पतनज यय पपरयकमकय कय रप मह सयधनय पर उस सयधक कर उनसय अनयक सनख पपरयपत हर सकतय हह.अनयक पपरकयर कय दपरवय अपसरय सयधक कर सवयम हज पपरदयन करतज हह. सयधनय कवधज:-सबसय पकहलय ककसज बयजरट पर लयल वसतपर कबछययय और उस पर एक चयवल कय ढयकर बनययय,चयवल कनमकनम सय रसगय हरनय चयहजयय.अब चयवल पर "पनषपदयहय आकषरर कसदपकध यसतपर" सप थयकपत करकय मसतपर कय जयप करनय हह।इस सयधनय मय सफकटक कय मयलय हरनय जररज हह,सयधनय सयत कदवसजय हह और शनकपरवयर सय शनर करनय हह,मसतपर कय कनतय 11 मयलय जयप करनय जररज हह।सयधक कय मनख उतर कदशय कय तरफ हरनय चयहजयय,आसन-वसतपर भज लयल रसग कय हरनय चयकहयय। यसतपर पर ररज गनलयब कय इतपर और पयच गनलयब कय फसल चढययय,घज कय कदपक लगययय जर मसतपर जयप कय समय पपरजवकलत रहय,धसप भज गनलयब कय हज हरनय जररज हह।मसतपर जयप कय समय नजर यसतपर कय तरफ हर और कबनय यसतपर कय सयधनय नय करय कयनकय इस यसतपर मय कवशयष उजयर हह जर अपसरय कर सवगर सय लयकर पयतयल लरक तक आककषरत करनय कय कमतय यनकत हह।यसतपर कय सयथ आपकर अपसरय सय वचन पपरयपत करनय कय मसतपर भज पपरयपत हरगय जर यहय पर दयनय उकचत नहज हह।

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मसतपर: -।। ॐ आवय आवय शरमयतज पनषपदयहय कपपरयय रप आवय आवय कहलज कहलज मयरर कहम करह,मनकचसतयवय,कयरज करय वयग सय आवय आवय,हर कर सयथ रहय कहलज कहलज पनषपदयहय अपसरय फटप ॐ ।। मसतपर अतययकधक शककतशयलज हह। कजसकय पपरभयव शजघपरतय सय पपरयपत हरतय हह।आप सभज कर सयधनय मय पनरर कसदपकध पपरयपत हर यहज कयमनय करतय हन,यसतपर कय नयमचछयवर रयशज 1250/-रपयय हह और कजनहह पपरयपत करनय हर वह सयधक समपकर करय । आदयश...

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Shri Govind Nath “कलपजरयइट एकट,1957 ” कय तहत इस कय उललसघन करनय पर तजन सयल तक कज सजय, सयथ मह ढयई लयख तक जनमयरनय हर सकतय हह। इसय कहनदज मह पपरकयशनयकधकयर कहय जयतय हह। इसकलयय करइ भज आटजरकल कर चनरयनय सय पनवर अचछय तरहय सय सरकचयय । -(शपरज गरकवसद नयथ) 2 Nov 2015 रममभर अपसरर ससदर ,( पतरतयसककरण ). यह सनधयकरत आकटरकल हह मयरय रसमभय-अपसरय पर कजसमय एक शयबर मसतपर भज कदयय हनआ हह. समनदपर मसथन मह सयतवय कपरम मह रसभय नयमक अपसरय कनकलज। वह सनसदर वसतपर व आभसषर पहनय हनई थजस। उसकज चयल मन कर लनभयनय वयलज थज। यय भज दयवतयओस कय पयस चलजस गई। अपसरय पपरतजक हह मन मह कछपज वयसनय कय। जब आप ककसज कवशयष उदयशय मह लगय हरतय हह तब वयसनय आपकय मन कवचकलत करनय कय पपरययस करतज हह। उस कसथकत मह मन पर कनयसतपरर हरनय बहनत जररज हह। अपसरय कवदय कज सयधनयओस मह सवररचच सयधनय कहज गई हह – अपसरय सयधनय कययकक अपसरय पपरतजक हह ससदयर कक और ससदयर हज आधयर हह इस सससयर मह सपनदसशजलतय कय, गकतशजलतय कय... ससदयर यनकत हरनय, शपरकसगयर करनय मयनव सय भज अकधक पपरकककत कय गनर हह | यह सयरज कक सयरज पपरकककत अपनय शपरकसगयर करनय मह हर कर वयसत सज बनज रहतज हह, कनत नसतन हरतज रहतज हह और इस कयरन सय पपरकककत हमह मनरहर पपरतजत हरतज हह | शपरकसगयर करनय कय अथर हह अपनय-आप कर जजवन मह जरडकर रखनय, सवस कक पपरसतनकत सजजव व सपकनदत रप मह करतय रहनय, जजवन मह ककसज जडतय कय पपरवयश तर दसर उसकय करई आभयस तक न हरनय दयनय |शपरकसगयर करनय तर अपनय आप कय सममयन करनय हह और अपनय आप कय सममयन करनय कय बयद हज तर करई कर सकतय हह ककसज दससरय कय सममयन, इस जजवन कय सममयन | जहयए जजवन कय सममयन हरतय हह वहयस यह समभव हज नहजस कक करई शपरकसगयर कय मयधयम सय पपरसफनटन और कवकयस हरतय हह ससदयर कय और ससदयर हज आधयर हह इस जगत मह गकतशजलतय कय |यह बयत कजतनज भमकतक रप सय सतय हह उतनज हह सतय हह अधययकतमक व सयधनयतमक रप सय भज | भमकतक रप मह ससदयर कय जर सथयन हह, जर उसकय सपशर सय पपरयपत हरनय वयलज मयधनयर कक लहकरययस हरतज हह वह वररन सय कहजस अकधक कवषय हह. अननभसकतयय कय और अधययकतमक रप मह यहज बयत वकररत हह नयद व कबसदन कय कमलन कय रप मह | नयद पपरतजक हह हह कशवतव कय एवस कबसदन पपरतजक हह शककत कय | इस समपसरर सचरयचर सककषट कक रचनय हज नयद व कबसदन कय कमलन सय समभव हरई हह और कनतय हर रहज हह तथय कजस उतपपरयरक कक उपकसथकत मह असमभव हर रहज हह वह ससदयर हह | ससदयर सय सकजन हरतय हह कयम कय और इसज कयररवश भयरतजय सससकककत मह कम कय सतन तनचछ यय हयय न हरतयर एक पनरषयथर कय रप मह सवजकयर हनआ हह | भयरतजय सससकककत मह कयम कय अथर दहकहक भयवनयओस तक हज सजकमत नहजस हह वरन यह अपनय उदयत रप मह सयधनय भज हह, नयद व कबसदन कय समवयत रपकज |

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कयम ततव कज उपयकय ककसज भज मननषय सय समभव नहजस, यहयए तक कक ककसज ससनययसज सय भज नहजस कययकक पपरतययक जजवन कक उतपकत कय मयधयम कयम हह | कजस हयतन अथयरत कजस कयम भयवनय कय सफनरर सय जजव कय गभर मह असकन हरतय हह.वह बजजयररपर कय कल सय हज उस जजवन कय ससकम समककत मह कहजस नप कहजस असककत हर जयतय हह और वहज उसकय भजतर भज एक सघन भयव बन कर सदहव सयथ-सयथ चलतज रहतज हह | ककसज भज वयककत मह कम भयवनय तर हर ककनतन, कम वयसनय नप हर कययकक कयवल कयमवयसनय कज नहजस करई भज वयसनय अपनय आप मह पपरवसचनय हरतज हह | इसकय कलए कयय उपयय समभव हर सकतय हह ? इसकय एकमयतपर उतर ससदयर कक सयधनय यय सवयस मह ससदयर बरध कवककसत करनय हह | ससदयर बरध कक भयवनय कय कवकयस हर जयनय कय बयद हज करई उस परम ततव कय ससदयर समझ सकतय हह जर जगत कय समसत ससदयर कय सकजन कतयर हह | कनकशचत रप सय करई भज सकजनकतयर अपनय सकजन सय कनछ अकधक हज पपरभयवशयलज हरतय हह | ससदयर शबद कहतय हज ककसज कय भज मयनस मह जर कबमब सवरपपरथम आतय हह वह ककसज सतपरज कय हरतय हह | ससदयर व सतपरज मयनय एक दससरय कय पययरयवयचज शबद हय और यह असहज भज नहजस हह कययकक इस सककषट मह ससदयर कय सवयरकधक सपनदनशजल रप एक सतपरज हज हर सकतज हह, मयतपर दहकहक रप मह हज नहजस वरन उससय कहजस अकधक करमल भयवनयओस कय अकभवयककत करर कय रप मह | भयवनयओस कय ससदयर सय जर उतपनन हरतय हह उसय हज लयसय अथयरत नतरन कहय गयय हह और ऐसय नतरन मह करई आवशयक नहजस कक हयथ-पयसव कक गकतशजलतय हर | एक नतरन कक कसथकत वह भज हरतज हह जहयए मन नकतय कर उठतय हह और ऐसय तब हरतय हह जब मन मह ससदयर बरध कक करई धयररय कनकमरत हरई हर | बलमग मह कनरसतर अपसरय सयधनय अथवय यककरज सयधनययह पपरसतनतकरनय कय यहज अथर हह कक सयधकय मह ससदयर बरध पपरसफनकटत हर सकय, उनकय लयसय सय पकरचय हर सकय कययकक ककसज भज दयवज अथवय दयवतय कय मसल सवरप लयसयमय हज हरतय हह, वह मयनव कक भयसकत कवषयद सय कघरय नहजस हरतय | एक छरटय.बचचय जब पडनय जयतय हह तर उसय छरटय अ सय अनयर पढययय जयतय हह यदकप छरटय अ सय अभयथरनय जहसय शबद भज.हह ककनतन वहबचचय उस शबद कय भयव गपरहर नहजस कर सकतय | समनयदपरज कर भज वयकखयत करतय समय ( उसकय पपरयथकमक चरर मह ) उसकज पपरचकलत मयनयतयओस कय रप मह पपरसतनत करनय एक कववशतय रहज हह ककनतन इसकय तयतपयर यह नहजस कक ससदयर शबद कय भयव कर हज सजकमत कर कदयय जयए | सयथ हज यकद ऐसज वययखयय सय करई कयमपरक भयव सयमनय आतय भज हह हहतर वह कनरसतर टयकलकवजन, कवशयषकर मयसकजक चहनलस सय पपरसयकरत हर रहज नयकभ कय नजचयकय उन ‘कशषट’ झटकय सय तर अकधक कशषट हह हज, कजनहह आज पकरवयर मह यनवय भयई और बहन सयथ-सयथ बहठकर दयखनय मह करई कझझक महससस नहजस करतय | ... और कहयए तक वकजरत कर भज सकतय हह करई ऐसज बयतय कर ?कयम तर मननषय कय सहज पपरवयह हह | पपरवयह कर एक और सय वकजरत करहगय तर कहजस और सय मयगर खरज लयगय, भलय हज उस पपरययस मह करई कवकककत हज कयय न आकर समयजयए | मननषय मह करई कवकककत नप समयए इसज कयररवश तर कववयह जहसय सससकयर कय जनम हनआ | एक सतपरज और एक पनरष कर परसपर ससयनकत करनय कक धयररय बनज अनयथय आकदम यनग मह तर कववयह जहसज करई धयररय हज नहजस थज | एक सतपरज और एक पनरष कय कमलनय सय जर इकयई बनतज हह वह भज एक हज हरतज हह – कम सय कम हमयरज सससकककत तर हमह यहज बतयतज हह | ऋगवयद मह एक नवकववयकहत कर आशजवरचन दयतय समय कहय गयय हह – वश पनतपरवतज भव, एकयदश पनतपर भव, समभयगय भव | और ऐसज कथन कय पजछय जर भव हह वह यह हह ककयमवनयवसथय कय पशचयत पकत और पतनज परसपर वयसनय कय भव कय पकथक हर जययय तथय सतपरज मयतकतव कय भव सय इतनज अपसकरत हर जयए कक उसय अपनय पकत भज एक कशशन सयदकशय लगनय लगय | जजवन कय पपरकत ऐसज समपसरर दककषट कक

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